नगर निगम गुरुग्राम और सेफ्टीपिन इंडिया फाउंडेशन के बीच समझौता

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शहर के सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित और समावेशी बनाने की पहल

महिलाओं की सुरक्षा और बेहतर शहरी सुविधाओं के लिए मिलकर करेंगे काम, सार्वजनिक स्थानों का होगा सुरक्षा व पहुंच के आधार पर आकलन

गुरुग्राम, 10 मार्च। शहर के सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित, सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और सेफ्टीपिन इंडिया फाउंडेशन (एसआईएफ) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है। इस समझौते के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों का सुरक्षा और पहुंच के आधार पर आकलन करेंगी तथा सुधार के लिए आवश्यक सुझाव व कार्ययोजना तैयार करेंगी।

इस समझौते के तहत निगमायुक्त प्रदीप दहिया की मौजूदगी में नगर निगम गुरुग्राम की ओर से अतिरिक्त निगमायुक्त यश जलुका और सेफ्टीपिन इंडिया फाउंडेशन की ओर से सह-संस्थापक एवं सीईओ डॉ. कल्पना विश्वनाथ प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इस पहल का उद्देश्य शहर में महिलाओं सहित सभी नागरिकों के लिए सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित और उपयोगी बनाना है।

सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा और सुविधाओं का होगा मूल्यांकन

समझौते के अनुसार शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टॉप, मेट्रो स्टेशन, सार्वजनिक शौचालय और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, पहुंच, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के आधार पर विस्तृत आकलन किया जाएगा। सेफ्टीपिन इंडिया फाउंडेशन अपनी विशेषज्ञ टीम के माध्यम से इन स्थानों पर सर्वे और डेटा संग्रह करेगी। इसके आधार पर शहर में महिलाओं और नागरिकों के लिए सुरक्षित और समावेशी सार्वजनिक स्थान बनाने के लिए सुझाव दिए जाएंगे।

नगर निगम करेगा सहयोग और समन्वय

नगर निगम गुरुग्राम इस परियोजना के तहत आवश्यक प्रशासनिक सहयोग प्रदान करेगा। निगम द्वारा सर्वे के लिए आवश्यक अनुमति, संबंधित स्थानों की पहचान तथा वार्ड सीमाओं और अन्य जरूरी डेटा उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर इस कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने में सहयोग किया जाएगा।

सुरक्षित और समावेशी शहर की दिशा में पहल

इस साझेदारी के माध्यम से गुरुग्राम में सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा और उपयोगिता को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और अन्य नागरिकों के लिए शहर के सार्वजनिक स्थान अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन सकेंगे।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, इस पहल से शहर की शहरी योजना और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए महत्वपूर्ण डेटा और सुझाव प्राप्त होंगे, जिनके आधार पर भविष्य में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।

एसआईएफ की सह-संस्थापक एवं सीईओ डॉ. कल्पना विश्वनाथ के अनुसार, सुरक्षित और समावेशी शहर बनाने के लिए सार्वजनिक स्थानों का सही आकलन बेहद जरूरी है। सेफ्टीपिन के माध्यम से शहर के विभिन्न स्थानों का डेटा आधारित सर्वे किया जाएगा, जिससे यह पता लगाया जा सके कि किन क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, आवाजाही और अन्य सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता है। इस अध्ययन के आधार पर नगर निगम को ठोस सुझाव दिए जाएंगे, जिससे महिलाओं सहित सभी नागरिकों के लिए शहर को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।

इस मौके पर निगमायुक्त प्रदीप दहिया के साथ अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका व रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ नरेश कुमार व एसआईएफ की सह-संस्थापक एवं सीईओ डॉ. कल्पना विश्वनाथ तथा प्रोग्राम डायरेक्टर सोनाली व्यास उपस्थित थे।

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Author: Bharat Sarathi

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