कुरुक्षेत्र में तीन दिवसीय मंथन का समापन; 21 सदस्यीय समन्वय समिति गठन का निर्णय, दीनबंधु सर छोटूराम को भारत रत्न देने की मांग को मिला व्यापक समर्थन
थानेसर, 14 जून (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी)। अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला कुरुक्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय उत्तर भारत सर्वखाप महापंचायत चिंतन शिविर का रविवार को विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक विषयों पर व्यापक विमर्श तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों के सर्वसम्मति से पारित होने के साथ समापन हुआ। शिविर में अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, समाजशास्त्रियों, किसान नेताओं, मीडिया प्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लेकर समकालीन चुनौतियों पर गहन चिंतन-मंथन किया।
अंतिम दिन आयोजित विशेष सत्र में वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट रविंद्र ढुल, शिक्षाविद प्रो. राजेश मलिक, पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. डी.पी. वत्स, अमित सांगवान (एएजी) तथा भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
युवाओं के नैतिक उत्थान और नशामुक्ति पर जोर
चिंतन शिविर में युवाओं के नैतिक विकास और नशामुक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का प्रस्ताव पारित किया गया। वक्ताओं ने विद्यालयों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण संबंधी कार्यक्रम चलाने पर बल दिया। साथ ही खाप पंचायतों द्वारा जनजागरण अभियान चलाने तथा नशे की रोकथाम के लिए जिला स्तर पर निगरानी समितियों में खाप प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग की गई।
विवाह संबंधी कानूनों पर चर्चा
हिंदू मैरिज एक्ट के अंतर्गत गांव, गोत्र और गुहांड के भीतर विवाह को वैध न मानने संबंधी विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विधि विशेषज्ञों की राय के आधार पर निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे को राज्य सरकारों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा तथा विधायक स्तर पर भी इसे विधानसभा में रखने का प्रयास किया जाएगा।
सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का आह्वान
शिविर में लिव-इन रिलेशनशिप और समलैंगिकता जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रतिनिधियों ने सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से व्यापक जनजागरण अभियान चलाने तथा भारतीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए संगठित प्रयास करने का आह्वान किया।
सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि किसी भी जाति, धर्म अथवा समुदाय के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वालों का खाप पंचायतें सामूहिक विरोध करेंगी। साथ ही भविष्य के सामाजिक कार्यक्रमों में सर्वसमाज की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
किसान हित और पर्यावरण संरक्षण पर निर्णय
कृषि, पर्यावरण और खाद्य शुद्धता को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों एवं खाप संगठनों के सहयोग से किसान मेले, कृषि प्रदर्शनियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
21 सदस्यीय समन्वय समिति बनेगी
शिविर में पारित प्रस्तावों को धरातल पर लागू कराने के लिए 21 सदस्यीय समन्वय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। यह समिति विभिन्न खाप पंचायतों और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रस्तावों के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी।
सर छोटूराम को भारत रत्न देने की उठी मांग
चिंतन शिविर में महान किसान नेता एवं ग्रामीण भारत के मसीहा दीनबंधु सर छोटूराम को भारत रत्न देने की मांग प्रमुखता से उठी। देशभर से आए सामाजिक संगठनों और खाप पंचायतों ने इस अभियान के समर्थन में अपने लिखित समर्थन-पत्र सौंपे। प्रतिनिधियों ने कहा कि किसानों, मजदूरों और ग्रामीण समाज के उत्थान में सर छोटूराम के ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में खत्री खाप, सहरावत खाप, देशवाल खाप, बाल्यान खाप सहित उत्तर भारत की अनेक खाप पंचायतों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
डॉ. कृष्ण श्योकंद सम्मानित
शिविर के सफल आयोजन, उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण के लिए उत्तर भारत सर्वखाप महापंचायत की ओर से अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला के प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सर्वखाप प्रतिनिधियों ने उन्हें सम्मान स्वरूप गदा भेंट कर अभिनंदन किया।
समापन के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. कृष्ण श्योकंद, प्रधान संजय देशवाल, डॉ. जोगेंद्र मोर, छात्र नेता रौनक खत्री और किसान नेता अक्षय नरवाल ने चिंतन शिविर के निष्कर्षों और पारित प्रस्तावों की जानकारी देते हुए कहा कि समाज के समक्ष मौजूद चुनौतियों के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है और शिविर में लिए गए निर्णयों को लागू कराने के लिए सभी खाप पंचायतें, सामाजिक संगठन तथा जागरूक नागरिक मिलकर कार्य करेंगे।








