धर्मसागर बोले—बारिश ने विकास कार्यों की खोली पोल, मुख्यमंत्री से मिलकर उठाएंगे उद्योगों के संकट का मुद्दा

गुरुग्राम। आईडीसी क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से हुए विकास कार्यों के बावजूद जलभराव की समस्या से उद्योग जगत को राहत नहीं मिली है। मंगलवार को हुई करीब डेढ़ से दो घंटे की बारिश के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव हो गया, जिससे फैक्ट्रियों का कामकाज प्रभावित हुआ और कई स्थानों पर मशीनें तक बंद करनी पड़ीं।
आईडीसी के प्रधान धर्मसागर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उद्यमियों ने क्षेत्र की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता जताई। बैठक में सुनील दत्ता, विजय टंडन, देवेंद्र जैन, प्रवीण वर्मा और तरुण खन्ना सहित अनेक उद्यमी मौजूद रहे।

धर्मसागर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आईडीसी में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगभग 13 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए थे, लेकिन हालिया बारिश ने इन दावों की पोल खोल दी। उन्होंने कहा कि बारिश का पानी सड़कों और फैक्ट्रियों में भर गया, जिससे उत्पादन कार्य प्रभावित हुआ और कई मशीनें बंद करनी पड़ीं।
उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों से सड़क और ड्रेनेज सिस्टम पर कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही व्यवस्था पूरी तरह विफल नजर आई। कई स्थानों पर सीवर का पानी फैक्ट्रियों में घुस गया, जिससे कर्मचारियों को काम छोड़कर जाना पड़ा। श्रमिकों ने भी सीवर के गंदे पानी से बीमारियां फैलने और चर्म रोग जैसी समस्याओं की आशंका जताई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आईडीसी की वास्तविक स्थिति से अवगत कराएगा। धर्मसागर ने कहा कि निगम प्रशासन की लापरवाही के कारण औद्योगिक क्षेत्र बंद होने की कगार पर पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले जो बारिश का पानी दो घंटे में निकल जाता था, अब वही पानी पूरे दिन सड़कों और फैक्ट्रियों में जमा रहता है, लेकिन संबंधित अधिकारी समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। इसके चलते उद्यमी और श्रमिक दोनों नारकीय परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं।








