हजारों कर्मचारियों ने सर्कल कार्यालय से लघु सचिवालय तक निकाला पैदल मार्च, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

गुरुग्राम, 29 जुलाई। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को बिजली विभाग के निजीकरण, एग्री डिस्कॉम गठन, स्मार्ट मीटर योजना तथा गुरुग्राम और नूंह जिले में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को समानांतर वितरण लाइसेंस दिए जाने के विरोध में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
महरौली रोड स्थित बिजली विभाग के सर्कल कार्यालय पर आयोजित धरने में हजारों की संख्या में कर्मचारियों और इंजीनियरों ने भाग लिया तथा हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी सर्कल कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए उपायुक्त कार्यालय, लघु सचिवालय पहुंचे और मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम 11, 12 और 13 अगस्त को प्रस्तावित प्रदेशव्यापी हड़ताल का नोटिस उपायुक्त के माध्यम से सौंपा।

धरने की अध्यक्षता इंजीनियर सुरेश रुहिल एवं दलबीर मोर ने की, जबकि मंच संचालन अमरजीत जाखड़ ने किया।
संयुक्त मोर्चा के प्रेस सचिव राजकुमार शर्मा ने बताया कि धरने को संबोधित करते हुए इंजीनियर मनमोहन जीत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार बिजली विभाग के निजीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग आम जनता के टैक्स से खड़ा किया गया सार्वजनिक उपक्रम है, जिसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना तथा युवाओं को स्थायी रोजगार देना था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब बिजली व्यवस्था को निजी कंपनियों के हवाले करने की तैयारी कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को निजीकरण से बचाने तथा कर्मचारियों और इंजीनियरों की लंबित मांगों के समाधान के लिए पूरे प्रदेश के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर 11, 12 और 13 अगस्त को सामूहिक हड़ताल करेंगे।
प्रदर्शन में इंजीनियर मनोज नेहरा, संदीप, प्रवीण यादव, राजेश ठाकरान, मुकेश भ्याना, रविंद्र यादव, उस्मान खान, सुशील शर्मा, सच्चितानंद, सोमदत्त, पवन गोयल, सत्येंद्र यादव, विजयपाल, सुखबीर, राकेश, नवीन तथा राजकुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं इंजीनियर मौजूद रहे।








