गुरुग्राम ज़िला प्रशासन ने सर्दी से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी

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ठंड व शीतलहर से बचने के लिए एहतियात बरते जिलावासी : डीसी

गुरुग्राम, 14 जनवरी। जिला में ठंड व शीतलहर से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें, इस सम्बन्ध में हरियाणा राज्य राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। बचाव सम्बन्धी जानकारी देते हुए डीसी अजय कुमार ने लोगों से सचेत होकर शीतलहर आपदा से बचाव का आह्वान किया है।

डीसी अजय कुमार ने कहा कि शीत लहर के समय यथासंभव घर के अंदर ही रहे, ठंडी हवा से बचने के लिये कम से कम यात्रा करें। रेडियो व अन्य मीडिया से मौसम की जानकारी लेते रहें। बुजुर्ग और बच्चों का ठीक से देखभाल करें एवं ऐसे पड़ोसी जो अकेले रहते हैं विशेषकर बुजुर्ग लोगों का हाल चाल पूछते रहें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आपातकालिन आपूर्ति आसानी से उपलब्ध हो। एक परत वाले कपड़े की जगह ढीली फिटिंग वाले परतदार हल्के कपड़े, हवा रोधित सूती का बाहरी आवरण तथा गर्म उनी भीतरी कपड़े पहने। शरीर की गर्मी बचाए रखने के लिये टोपी एवं जलरोधी जूतो का प्रयोग करें। सिर को ढंके क्योंकि सिर के उपरी सतह से शरीर की गर्मी की हानि होती है और अपने फेफड़ो की सुरक्षा के लिये अपना मुहं ढक कर रखें। गर्म तरल पदार्थ नियमित कप से पिएं, इससे ठंड से लड़ने के लिये शरीर की गर्मी बनी रहेगी।

डीसी ने कहा कि शरीर में उष्मा के प्रवाह को बनाये रखने के लिये पोष्टिक आहार एवं निर्जलीकरण से बचने के लिए शराब आदि का सेवन ना करें। शीतंदश होने पर चिकित्सक की सलाह ले जैसे संवेदनशून्यक सफेद अथवा पीले पड़े हाथ और पैरो की उंगलिया , कान की लौ तथा नाक की उपरी सतह इत्यादि।

हाईपोथर्मिया (शरीर का तापमान समान्य से कम) होने जैसे अनियंत्रित कांपना , बोलने में दिक्कत, अनिंद्रा, मांसपेशियों में अकड़न, सांस लेने में दिक्कत इत्यादि पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

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Author: Bharat Sarathi

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