गुरूग्राम, 30 जून। गुरुग्राम के जिला एवं सत्र न्यायधीश तथा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष एस पी सिंह के दिशा निर्देश अनुसार स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्राधिकरण ने जिला न्यायालय के कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के लिए कोरोना रोधी वैक्सीन का टीकाकरण शिविर न्यायालय परिसर में लगाया। यह शिविर प्रातः 11ः30 बजे से शुरू हुआ जिसमें 122 व्यक्तियों को टीका लगाया गया।

प्राधिकरण की सचिव तथा चीफ जुडिशियल मैजिस्टेªट श्रीमति ललिता पटवर्धन ने बताया कि इस टीकाकरण शिविर में सिविल सर्जन की तरफ से सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर खुशबू और उनकी टीम जिसमें नर्सिंग स्टाफ मौजूद थे। सभी को कोवैक्सीन की दूसरी डोज और कोविशील्ड की पहली और दूसरी डोज लगाई गई। साथ में सभी को बताया गया कि इंजेक्शन स्थल पर दर्द और बुखार जैसे लक्षण आम बात है, इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। ठंड लगने या थकान जैसा महसूस होने पर पैरासिटामोल की गोली ले लें। टीकाकरण शिविर में टीका लगाने के बाद आधे घंटे के लिए सभी व्यक्तियों को ऑब्जर्वेशन में रखा गया और सभी जरूरी हिदायतें बताई गई। श्रीमति पटवर्धन ने कहा कि सभी को टीकाकरण अभियान को एक उत्सव की तरह लेना चाहिए। इसमें सभी ने अपनी भागेदारी निभानी होगी। तभी कोरोना वायरस को खत्म किया जा सकता है। टीका लगवाकर कोरोना भगाए।

उन्होंने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायधीश तथा हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री राजन गुप्ता द्वारा शुरू किए गए अभियान “मत जा नजदीक, खुद को रखें ठीक, उन पर रहे आँख, ढके ना जो मुँह और नाक” के अंतर्गत नागरिकों के बीच मुखौटा शिष्टाचार को विकसित करने और स्वास्थ्य के उचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए गुरुग्राम में एक कोविड जागरूकता परियोजना चलाई जा रही है। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम के अधिवक्ता और पैरा लीगल वालंटियर आम जनता को लगातार मास्क पहनना, हाथों का सैनिटाइजेशन इत्यादि सामाजिक भेद जैसे प्रोटोकॉल के लिए जागरुक कर रहे हैं।

इसी अभियान के अंतर्गत प्राधिकरण ने आज न्यायालय परिसर में टीकाकरण शिविर का आयोजन किया था जिसमें 122 व्यक्तियों ने टीके लगवाए।

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