एआईडीवाईओ हरियाणा ने की पुलिस कार्रवाई की निंदा, गिरफ्तार अभ्यर्थियों की तत्काल रिहाई की मांग
गुरुग्राम, 26 अगस्त। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीवाईओ) की हरियाणा इकाई ने पटना में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। संगठन ने गिरफ्तार छात्र-युवाओं को बिना शर्त रिहा करने और उनकी मांगों का तत्काल समाधान करने की मांग उठाई है।
एआईडीवाईओ के हरियाणा राज्य संयोजक बलवान सिंह ने जारी बयान में कहा कि बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा 4.0, बिहार कर्मचारी चयन आयोग और दरोगा भर्ती सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि बिहार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने के साथ पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया तथा बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं को हिरासत में लिया।
उन्होंने कहा कि सरकार को अभ्यर्थियों की मांगें सुनकर उनका समाधान करना चाहिए था, लेकिन इसके स्थान पर पुलिस बल का प्रयोग किया गया। अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
दमन से नहीं दबेगी युवाओं की आवाज
बलवान सिंह ने आरोप लगाया कि जब भी छात्र और युवा रोजगार तथा निष्पक्ष भर्ती की मांग उठाते हैं, सरकार संवाद करने के बजाय दमन का रास्ता अपनाती है। उन्होंने इसे सरकार की छात्र एवं युवा विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को रोजगार के अवसरों के साथ पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष प्रतियोगी परीक्षाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रिया में बदलाव और अभ्यर्थियों की मांगों की अनदेखी के खिलाफ उठने वाली आवाज को पुलिस बल से दबाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बलवान सिंह ने कहा कि एआईडीवाईओ हरियाणा आंदोलनरत छात्र-युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा है और उनकी जायज मांगें पूरी होने तक संघर्ष का समर्थन करता रहेगा।
एआईडीवाईओ की प्रमुख मांगें
- लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
- गिरफ्तार सभी छात्र-युवाओं को बिना शर्त तत्काल रिहा किया जाए।
- घायल छात्र-छात्राओं का समुचित और निःशुल्क उपचार कराया जाए।
- बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा 4.0 की अधिसूचना पूर्व निर्धारित प्रारूप के आधार पर तत्काल जारी की जाए।
- पूर्व की तरह केवल एक परीक्षा आयोजित की जाए।
- अभ्यर्थियों की अन्य जायज मांगों का तत्काल समाधान कर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाया जाए।









