चंडीगढ, 26 अगस्त । विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर विधायकों ने चर्चा की गई।

बैठक में तय हुआ है कि आने वाले सत्र में आईडीएफसी बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, म्युनिसिपल कमेटी पंचकूला और अन्य घोटालों पर चर्चा के लिए सदन में काम रोको प्रस्ताव दिया जाएगा। साथ ही, कौशल रोजगार निगम के तहत हरियाणा के युवाओं के साथ हो रही वादाखिलाफी, प्रदेश में कानून-व्यवस्था के पतन और बढ़ते संगठित अपराध के मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगने के लिए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया जाएगा।
हुड्डा ने बताया कि सफाई कर्मियों के आंदोलन से लेकर गुरूग्राम में जलभराव के बुनियादी मुद्दों पर भी कांग्रेस चर्चा की मांग करेगी और सरकार से जवाब मांगेगी।
साथ ही, प्रॉपर्टी टैक्स तथा कलेक्टर रेट के आधार पर टैक्स बढ़ाकर जनता पर महंगाई की मार मारने, बारिश के कारण शहरों और गांवों में हुए जलभराव, किसानों के लिए मुआवजा, बिजली के निजीकरण, स्मार्ट मीटर गेस्ट टीचर्स, सफाई कर्मियों व अन्य कर्मचारियों की मांगों तथा आंदोलनों जैसे मुद्दों को उठाने के लिए भी विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रस्ताव देकर चर्चा की मांग करेंगे।

बैठक में हुड्डा ने बीजेपी सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दादरी में सरेआप फायरिंग और कुरुक्षेत्र में डकैती, जैसी वारदातों से पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल है। थाने के सामने बदमाशों ने जिस तरह वारदात को अंजाम दिया, इससे साफ है कि उनमें कानून का कोई डर नहीं बचा है। हरियाणा में सरेआम लूट, डकैती, फिरौती, हत्या, फायरिंग रूटिन बन गई है।
खुद केंद्र सरकार के समाजिक प्रगति सूचकांक ने हरियाणा को देश का सबसे असुरक्षित राज्य घोषित किया है। आज हर नागरिक अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है तो उसके लिए प्रदेश की बीजेपी सरकार जिम्मेदार है। क्योंकि हरेक सरकार की पहली जिम्मेदारी नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा करना होती है। लेकिन बीजेपी अपनी यह जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
कौशल कर्मियों को पक्का करने की मांग के साथ गेस्ट टीचर्स के मुद्दे पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार की पॉलिसी पर मुहर लगाते हुए कोर्ट ने गेस्ट टीचर्स के हक में फैसला दिया है। ऐसे में सरकार को भी तुरंत उन्हें पक्का करके, पक्के कर्मचारियों वाले लाभ देने चाहिए। लेकिन ऐसा करने की बजाए, सरकार कोर्ट के फैसले की अनदेखी कर रही है।








