कहा—हजारों करोड़ का बजट मंजूर हुआ, लेकिन सफाई नहीं हुई; पैसा साफ हो गया
ईडीसी-आईडीसी के 15 हजार करोड़ रुपये का कैग ऑडिट कराने और केंद्रीय बजट में गुरुग्राम को विशेष हिस्सा देने की मांग

चंडीगढ़, 26 अगस्त। सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने गुरुग्राम में जलभराव, कूड़े के ढेर, टूटी सड़कों, ट्रैफिक जाम और बदहाल नागरिक सुविधाओं को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शहर की मौजूदा दुर्दशा के लिए प्रदेश सरकार और गुरुग्राम के जनप्रतिनिधियों को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि देश में सबसे अधिक वस्तु एवं सेवा कर संग्रह करने वाले प्रमुख शहरों में शामिल गुरुग्राम को केंद्र सरकार से पर्याप्त बजट मिलना चाहिए। उन्होंने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, नगर निगम गुरुग्राम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जवाबदेही तय करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से प्रदेश, नगर निकाय और केंद्र में भाजपा की सरकार होने के बावजूद गुरुग्राम की बुनियादी समस्याएं लगातार गंभीर होती गईं। सरकार बताए कि इस अवधि में गुरुग्राम में मेट्रो का विस्तार क्यों नहीं हुआ और एक इंच नई मेट्रो लाइन भी चालू क्यों नहीं हो सकी।
15 हजार करोड़ के खर्च का हो कैग ऑडिट

दीपेन्द्र हुड्डा ने दावा किया कि गुरुग्रामवासियों से करीब 15 हजार करोड़ रुपये बाह्य विकास शुल्क और आंतरिक विकास शुल्क के रूप में वसूले गए। उन्होंने इस धनराशि के उपयोग का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से ऑडिट कराने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की सफाई, जल निकासी और नालों की गाद निकालने के नाम पर हर वर्ष बड़े-बड़े ठेके दिए गए, लेकिन धरातल पर हालात नहीं सुधरे। उनके अनुसार, जीएमडीए ने पांच वर्षों में जल निकासी पर करीब चार हजार करोड़ और सफाई पर दो हजार करोड़ रुपये खर्च किए।
“शहर की सफाई के लिए हजारों करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ, लेकिन सफाई तो हुई नहीं, बजट जरूर साफ हो गया।”
उन्होंने बंधवाड़ी लैंडफिल, इकोग्रीन, नागरिक प्रशासन, सफाई और डी-सिल्टिंग से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की।
‘मिलेनियम सिटी अब सिंक सिटी बनी’

दीपेन्द्र हुड्डा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने गुड़गांव का नाम गुरुग्राम किया, लेकिन कुप्रबंधन के कारण यह कभी ‘गुरु-जाम’, कभी ‘जल-ग्राम’ और कभी ‘गड्ढा-ग्राम’ नजर आता है। कांग्रेस शासन में जिस शहर को ‘होम टू ग्लोबल फॉर्च्यून-500 कंपनीज’ कहा जाता था, वह आज ‘वर्क फ्रॉम होम सिटी’ बन गया है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में जलभराव और करंट लगने जैसी घटनाओं में 12 लोगों की जान चली गई। लंबे ट्रैफिक जाम और जलभराव के कारण निवेशकों तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बीच शहर की छवि प्रभावित हो रही है।
मेट्रो विस्तार और विशेष केंद्रीय बजट की मांग
सांसद ने कहा कि गुरुग्राम विकसित होगा तो दिल्ली पर आबादी और रोजगार का दबाव भी कम होगा। प्रतिदिन हजारों लोग दिल्ली से गुरुग्राम रोजगार के लिए आते हैं। केंद्र सरकार को शहर की आर्थिक उपयोगिता को देखते हुए विशेष बजट देना चाहिए।
उन्होंने वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेल हरियाणा में कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि खेलों से जुड़ा आधारभूत ढांचा गुरुग्राम में विकसित होता तो शहर की अनेक समस्याएं दूर हो सकती थीं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मुकदमों का विरोध
दीपेन्द्र हुड्डा ने मुख्यमंत्री के गुरुग्राम दौरे के दौरान काले झंडे दिखाने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी के दोनों जिलाध्यक्षों—वर्धन यादव तथा पंकज डावर—के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाने की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकार सवाल पूछें तो उनका माइक हटाया जाता है और विपक्ष आवाज उठाए तो मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं।
उन्होंने गुरुग्राम में फिरौती की कथित कॉल और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री से इस दिशा में ठोस कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस सरकार के विकास कार्य गिनाए
दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2008 में गुरुग्राम नगर निगम बनाया गया तथा शहर को दिल्ली मेट्रो और रैपिड मेट्रो से जोड़ा गया। मानेसर में आईएमटी, ईएसआई अस्पताल, गुरुग्राम-फरीदाबाद चार लेन मार्ग, गुरुग्राम विश्वविद्यालय, गुरुग्राम नहर, गोल्फ कोर्स रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे विकास कार्यों को आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पुराने नागरिक अस्पताल को तोड़ दिया, लेकिन 12 वर्षों में नया नागरिक अस्पताल तैयार नहीं कर सकी।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन यादव, शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर, पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज, इंटक प्रधान अमित यादव, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष अविनाश यादव, सुनीता सहरावत, सीमा पाहुजा, नीरज यादव, धर्मेंद्र माकड़ौला, सुनील यादव, अशोक अंबावत, शिव बोकन, नितिन यादव और सचिन बैसोया सहित अनेक नेता उपस्थित रहे।
पत्रकार वार्ता के बाद कांग्रेस नेताओं ने “सड़क चाहिए, तालाब नहीं” और “जाम नहीं, काम चाहिए” लिखे पोस्टर प्रदर्शित किए।








