लाभार्थियों के सत्यापन में ग्राम सभाओं की होगी अहम भूमिका
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की ग्राम सभा मॉड्यूल की प्रगति की समीक्षा
चंडीगढ़, 26 अगस्त: हरियाणा सरकार ने पात्र लाभार्थियों की पहचान को अधिक सटीक, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। इस पहल में ग्राम सभा को सत्यापन प्रक्रिया के केंद्र में रखा गया है, ताकि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आंकड़ों का जमीनी स्तर पर सत्यापन हो सके और ग्रामीण समुदाय भी परिवारों की वास्तविक स्थिति निर्धारित करने में सक्रिय भूमिका निभा सके। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सत्यापित जानकारी के आधार पर पात्र परिवारों तक पहुंचे।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में ग्राम सभा मॉड्यूल के माध्यम से ग्रामीण परिवारों के सत्यापन की प्रगति की समीक्षा की।
नागरिक संसाधन सूचना विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे. गणेशन ने बताया कि ग्राम सभा मॉड्यूल के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की व्यापक जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। इसमें परिवार की संरचना, अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के लाभार्थी, पारिवारिक आय, कच्ची छत की स्थिति तथा परिवार के सदस्यों के व्यवसाय से संबंधित जानकारी शामिल है। इस एकीकृत प्रक्रिया से परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति की अधिक सटीक तस्वीर सामने आएगी और कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि इस पहल के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। राज्य के 23 में से 13 जिलों में अब तक 166 ग्राम सभाओं के माध्यम से 1,309 परिवारों का सत्यापन किया जा चुका है। इससे जमीनी स्तर पर व्यवस्थित तरीके से सत्यापन करने की प्रशासन की क्षमता मजबूत हुई है।
यह अभियान ग्राम सभाओं के माध्यम से उन लंबित मामलों के सत्यापन के निर्णय के बाद शुरू किया गया है, जिनमें लगभग 1.66 लाख परिवारों की आय के सत्यापन की आवश्यकता सामने आई थी। इसके बाद इस प्रक्रिया का दायरा बढ़ाते हुए 1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले ग्रामीण परिवारों को भी इसमें शामिल किया गया है। ऐसे मामलों को संबंधित ग्राम सभाओं के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी उचित आय श्रेणी निर्धारित की जाएगी।
सत्यापन प्रक्रिया के तहत सबसे पहले ग्राम सभा द्वारा परिवार की संरचना का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद एएवाई लाभार्थियों तथा 1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। परिवारों की कच्ची छत की स्थिति का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा, जिसके लिए परिवार के किसी सदस्य के साथ फोटो लिया जाएगा। इसके अलावा, परिवार के प्रत्येक कमाने वाले सदस्य के व्यवसाय की श्रेणी भी दर्ज की जाएगी।
सरकार ने सत्यापन प्रक्रिया की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था भी की है। जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ), अतिरिक्त उपायुक्तों (एडीसी), राजपत्रित अधिकारियों, सीआरआईडी अधिकारियों तथा ग्राम सचिवों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
अभियान के सुचारू संचालन के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। 27 अगस्त को डीसीआरआईएम अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद वे अपने-अपने जिलों में फील्ड अधिकारियों के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करेंगे। एडीसी प्रशिक्षण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे, ताकि फील्ड स्तर पर कार्य शुरू होने से पहले सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से प्रशिक्षित हो जाएं।
अभियान का अगला चरण जल्द शुरू किया जाएगा। ग्राम सभा के माध्यम से सत्यापन प्रक्रिया को 28 सितंबर तक पूरा करने तथा प्रथम चरण के पूरे अभियान को 2 अक्टूबर, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह पहल ग्रामीण हरियाणा में डेटा आधारित, सहभागी और पारदर्शी शासन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल रिकॉर्ड, जमीनी स्तर पर भौतिक सत्यापन और ग्राम सभाओं की सामूहिक जांच को एक साथ जोड़कर सरकार वास्तविक पात्र लाभार्थियों की पहचान, कल्याणकारी योजनाओं के डेटाबेस की सटीकता में सुधार तथा योजनाओं का लाभ सही परिवारों तक पहुंचाने के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार कर रही है।
नागरिक संसाधन सूचना विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री शाश्वत सांगवान तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। सभी उपायुक्त और जिला परिषदों के सीईओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।








