सफाई एवं फायर कर्मचारियों की अधिकांश मांगों पर सरकार की सैद्धांतिक सहमति

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*सरकार ने कर्मचारियों के हित में मांगों पर लिए सहानुभूतिपूर्वक निर्णय*

चंडीगढ़, 22 अगस्त-हरियाणा सरकार ने नगरपालिका कर्मचारी संघ एवं फायर कर्मचारी यूनियन की सफाई एवं फायर कर्मचारियों से संबंधित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए अधिकांश मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। सरकार ने कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए उन्हें पूरा करने की दिशा में सहमति प्रदान की है।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सरकार द्वारा जिन प्रमुख मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया गया है, उनमें 440 रुपये प्रतिमाह वर्दी भत्ता, समान कार्य-समान वेतन एवं एरियर, एल.टी.सी. का लाभ, न्यूनतम वेतन, कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) तथा कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का लाभ शामिल हैं। इनमें वर्दी भत्ता, समान कार्य-समान वेतन एवं एरियर तथा एलटीसी का लाभ पात्र कर्मचारियों को दिया जा रहा है।

इसके अलावा सफाई कर्मचारियों को 2,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता देने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। वहीं, अनुकम्पा सहायता को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने तथा दुर्घटना बीमा के तहत मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये और स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 25 लाख रुपये देने की भी सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

सरकार ने पालिका रोल एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को पीएमजेएवाई (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना)-चिरायु योजना में शामिल करने, कर्मचारियों को 20 मेडिकल एवं 20 आकस्मिक अवकाश देने तथा सफाई कर्मचारियों एवं सीवरमैनों की लिपिक (ग्रुप-सी) पद पर पदोन्नति के प्रावधान की भी सैद्धांतिक स्वीकृति दी है।

*नियमितीकरण के मुद्दे पर सरकार का सकारात्मक रुख*

पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों एवं फायर कर्मचारियों को नियमित करने का मुद्दा मुख्य गतिरोध का विषय है। इस संबंध में सरकार द्वारा कानूनी परीक्षण किया जा रहा है।

सरकार इन कर्मचारियों को हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम, 2024 के दायरे में लाने के लिए तैयार है, ताकि उन्हें भी नियमित कर्मचारियों के लगभग समान लाभ मिल सकें। सरकार इन कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक सेवा की सुनिश्चितता देने के लिए भी तैयार है।

सरकार ने कर्मचारियों के हित में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी को वर्तमान 19,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रतिमाह करने पर विचार किया है। इसके अतिरिक्त, अधिनियम, 2024 के तहत कर्मचारियों को अर्धवार्षिक वेतन वृद्धि, डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी, मातृत्व अवकाश, एचकेआरएनएल के तहत एक्स-ग्रेशिया वित्तीय सहायता राशि तथा एक्स-ग्रेशिया नियुक्ति जैसे लाभ देने पर भी सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की गई है।

*कर्मचारियों की लगभग सभी मांगों पर सरकार की सकारात्मक पहल*

इस प्रकार सरकार ने सफाई एवं फायर कर्मचारियों से संबंधित लगभग सभी मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। सरकार का प्रयास है कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ उन्हें अधिक से अधिक सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

*आम जनता को असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करना आवश्यक*

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करना एक अलग विषय है, लेकिन इसके कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए क्योंकि इससे आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ता है।

सरकार ने कहा है कि हड़ताल पर जाने का अर्थ यह नहीं है कि जो कर्मचारी अपना सफाई कार्य करना चाहते हैं, उन्हें भी काम करने से रोका जाए। ऐसा करना कानूनन गलत है। ऐसी स्थिति में कानून तोड़ने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं बचता।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कर्मचारी कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता। यदि कोई कर्मचारी कानून का उल्लंघन करता है अथवा अन्य कर्मचारियों को उनके कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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Author: Bharat Sarathi

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