गंदे पानी, उखड़ी सड़कों और महाजाम से उद्योगपति व कर्मचारी बेहाल : धर्मसागर

गुरुग्राम। एमजी रोड स्थित इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आईडीसी) क्षेत्र में पिछले छह महीनों से चल रहा सड़क, सीवर और ड्रेनेज निर्माण कार्य स्थानीय लोगों, उद्यमियों तथा कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। निर्माण की धीमी रफ्तार और बदहाल प्रबंधन के कारण पूरे औद्योगिक क्षेत्र की व्यवस्था चरमरा गई है।
आईडीसी के प्रधान धर्मसागर तथा उद्यमी सुनील दत्ता, विजय टंडन, देवेंद्र जैन, प्रवीण वर्मा और तरुण खन्ना ने बताया कि बुनियादी ढांचा सुधारने के नाम पर मुख्य एवं सर्विस सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है। खुले गड्ढों में नालियों और बारिश का काला एवं दूषित पानी जमा है। इससे मच्छर पनप रहे हैं और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।
सड़कों पर मलबा, पाइप और बड़े-बड़े पत्थर

उद्यमियों के अनुसार सड़कों पर बड़े-बड़े पत्थर, मलबे के ढेर और अधूरे पड़े सीमेंट के पाइप बिखरे हुए हैं। इससे वाहनों की आवाजाही तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बिना सुरक्षा अवरोधक छोड़े गए गड्ढों और मलबे के कारण वाहन फंस रहे हैं तथा दोपहिया चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
धर्मसागर ने बताया कि पहले भी एक वाहन गड्ढे में फंस चुका है। निर्माण स्थलों पर न तो बैरिकेड लगाए गए हैं और न ही टीन की सुरक्षित दीवार बनाई गई है। नगर निगम के निर्देशों के बावजूद निर्माण एजेंसी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रही है।
सुबह-शाम लगता है महाजाम

वैकल्पिक मार्ग नहीं होने और सड़कें संकरी हो जाने से सुबह एवं शाम क्षेत्र में लंबा जाम लग रहा है। फैक्ट्रियों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार माल बाहर भेजने वाले भारी वाहनों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इससे उत्पादन और व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
फैक्ट्रियों और शोरूमों में कार्यरत हजारों श्रमिकों एवं कर्मचारियों को प्रतिदिन गंदे पानी, खुले गड्ढों और मलबे के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ रहा है।
प्रशासन से काम में तेजी लाने की मांग
उद्यमियों ने आरोप लगाया कि निर्माण शुरू हुए छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की सुस्ती के कारण काम पूरा नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से खुले गड्ढों को तत्काल भरवाने, दूषित पानी की निकासी कराने, निर्माण स्थलों पर सुरक्षा अवरोधक लगाने और सड़क निर्माण में तेजी लाने की मांग की है।








