सरकारी भूमि कब्जाने और किराए पर देने वालों पर होगी एफआईआर: जीएमडीए

गुरुग्राम, 18 अगस्त- गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे सघन एवं निरंतर अभियान के तहत मंगलवार को विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक कार्रवाई की गई। इस दौरान जीएमडीए की प्रवर्तन टीमों ने करीब 10 किलोमीटर सड़क क्षेत्र, राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू), ग्रीन बेल्ट एवं आसपास की सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना, सड़क के निर्धारित राइट ऑफ वे की सुरक्षा करना, ग्रीन बेल्ट को संरक्षित करना तथा सरकारी भूमि के अवैध व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाना है।
मंगलवार को चलाए गए इस प्रवर्तन अभियान की निगरानी जीएमडीए के डीटीपी श्री आर.एस. बाठ ने की। इस दौरान शहर के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्रवाई की गई, जिनमें सेक्टर 56/57, 52/52ए, 43/44, 29/30 और 29/41 के साथ-साथ सेक्टर 70/70ए तथा मिलेनियम सिटी सेंटर–एमजी रोड का हिस्सा शामिल है।
सरकारी जमीन को किराये पर देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने, अवैध ढांचे खड़े करने अथवा ऐसी भूमि एवं ढांचों को किराये पर देकर व्यावसायिक लाभ कमाने वालों के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने एवं अवैध ढांचों को ध्वस्त करने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ नियमानुसार अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
सेक्टर-56/57 में 1.5 किलोमीटर क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त

जीएमडीए, डीटीपी एनफोर्समेंट आर.एस. बाठ की निगरानी में सेक्टर-56/57 में करीब 1.5 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई की गई। इस दौरान 20 झुग्गियां, पांच ग्रीन बेल्ट में बने स्थायी ढांचे, पांच टिन की दुकानें तथा एक गार्ड रूम हटाया गया। कार्रवाई के बाद ग्रीन बेल्ट एवं आसपास की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर सार्वजनिक उपयोग के लिए बहाल किया गया।
सेक्टर-52/52ए में 2.8 किलोमीटर क्षेत्र में कार्रवाई
सेक्टर-52/52ए में करीब 2.8 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया गया। यहां करीब 0.5 एकड़ सरकारी भूमि में बनाए गए 15 अस्थायी ढाबानुमा ढांचों को हटाया गया। इसके अलावा सड़क के राइट ऑफ वे से 25 टिन शेड, 15 टिन की दुकानें, 10 रैंप और 10 अवैध ठेले हटाए गए। कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाए गए कुछ अवैध स्थानों एवं ढांचों को स्थानीय अतिक्रमण माफिया द्वारा कथित तौर पर 5,000 से 10,000 रुपये प्रतिमाह किराये पर दिया जा रहा था। जीएमडीए ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए सरकारी भूमि अथवा उस पर बने अवैध ढांचों को किराये पर देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सेक्टर-43/44 में 1.2 किलोमीटर क्षेत्र हुआ खाली
सेक्टर-43/44 में करीब 1.2 किलोमीटर क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की गई। इस दौरान 10 अवैध रेहड़ी/अस्थायी वेंडिंग ढांचे, 10 झुग्गियां और 20 अवैध ठेले हटाकर सड़क क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
सेक्टर-29/30 और 29/41 में 1.5 किलोमीटर क्षेत्र में कार्रवाई
सेक्टर-29/30 और 29/41 में करीब 1.5 किलोमीटर क्षेत्र में कार्रवाई की गई। यहां सड़क एवं आसपास के क्षेत्रों में मौजूद अवैध ठेलों तथा अन्य अनधिकृत अतिक्रमणों को हटाया गया। इससे सार्वजनिक सड़क एवं आवागमन के लिए निर्धारित कॉरिडोर को बाधामुक्त किया गया।
सेक्टर-70/70ए और एमजी रोड पर भी अभियान, 3 किलोमीटर क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त

सेक्टर-70/70ए के विभिन्न हिस्सों तथा मिलेनियम सिटी सेंटर से एमजी रोड तक करीब 3 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में भी प्रवर्तन कार्रवाई की गई। यहां सरकारी भूमि एवं सार्वजनिक सड़क क्षेत्र में किए गए अनधिकृत कब्जों और अवरोधों को हटाया गया।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने कहा कि प्राधिकरण अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई कर रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल दिखाई देने वाले अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि सरकारी भूमि के अवैध कब्जे एवं व्यावसायिक इस्तेमाल में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई करना है।
उन्होंने प्रवर्तन टीमों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण मुक्त कराए गए क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि दोबारा कब्जा न हो। सरकारी भूमि पर पुनः अतिक्रमण अथवा उसका व्यावसायिक शोषण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीटीपी एनफोर्समेंट आर.एस. बाठ ने बताया कि जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के निर्देश पर अभियान मिशन मोड में लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि आरओडब्ल्यू, सर्विस रोड, फुटपाथ, ग्रीन बेल्ट एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ पहले से खाली कराए गए क्षेत्रों की भी नियमित निगरानी की जा रही है।








