स्वतंत्रता दिवस पर 85 वर्ष से अधिक आयु की 11 मातृशक्तियों ने संयुक्त रूप से किया ध्वजारोहण

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

-जैन मंदिर जैकबपुरा में भव्यता से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह

गुरुग्राम। श्री 1008 पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जैकबपुरा के तत्वावधान में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह अत्यंत भव्यता, हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। मंदिर परिसर तिरंगे और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय पर्व की सबसे बड़ी विशेषता रही कि 85 वर्ष से अधिक आयु की 11 वयोवृद्ध मातृशक्तियों द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्र ध्वज फहराया। इन माताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने पूरे समारोह की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई। बुजुर्ग माता बिमला देवी जैन, सरला देवी जैन, प्रकाश वती जैन, जग्गो देवी जैन, निरंजना देवी जैन, प्रेम कुमारी जैन, सरोज देवी जैन, बिमला देवी जैन, सरोज देवी जैन, रोशनी देवी जैन और संतोष जैन के कर-कमलों द्वारा संयुक्त रूप से तिरंगा फहराया गया। जैन समाज के प्रवक्ता अभय जैन एडवोकेट ने बताया कि जैन समाज की ओर से इस आयोजन के माध्यम से बुजुर्ग माताओं को देशभक्ति के साथ विशेष सम्मान दिया गया। उनके चेहरों पर एक अलग ही मुस्कान रही। सभी को माताओं ने आशीर्वाद दिया और राष्ट्र की उन्नति में सभी के योगदान को सराहा। इसके पश्चात उपस्थित सभी राष्ट्रभक्तों ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाया। वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। समारोह के दौरान देश और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान के लिए सभी 11 माताओं का विशेष अभिनंदन एवं सम्मान किया गया। मंदिर कमेटी ने सभी माताओं को शॉल, स्मृति-चिह्न और पुष्प भेंट कर उनका सम्मान किया।

जैन समाज के पदाधिकारियों प्रधान नरेश कुमार जैन, उप-प्रधान शैलेंद्र कुमार जैन, महामंत्री अशोक कुमार जैन, सह-मंत्री जिनेंद्र जैन व कोषाध्यक्ष प्रदीप जैन ने कहा कि स्वतंत्रता के 80 वर्ष पूरे होने पर इन वरिष्ठ माताओं को ध्वजारोहण का अवसर देकर नई पीढ़ी को देशभक्ति और संस्कारों से जोडऩे का संदेश दिया गया है। मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि इन 11 आदरणीय माताओं ने अपने हाथों से राष्ट्र ध्वज फहराकर हम सभी को प्रेरित और गौरवान्वित किया है। पदाधिकारियों ने सभी माताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया और उनके दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना की। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी राष्ट्रभक्त जैन बंधुओं और परिवारजनों का भी धन्यवाद किया। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, युवा और बच्चे उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति और प्रसाद वितरण भी किया गया। पदाधिकारियों कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि उन मूल्यों को याद करने का दिन है जिनके लिए हमारे पूर्वजों ने बलिदान दिया। वरिष्ठ माताओं के सम्मान से यह संदेश दिया गया कि राष्ट्र निर्माण में हर आयु और हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का समापन मिठाई वितरण और राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरा परिसर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से गूंजता रहा।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!