बाकीपुर में भाजपा की हार, दतिया में कांग्रेस की जीत और मांजलपुर में बढ़े वोट शेयर को बताया भविष्य की राजनीति का संकेत
रेवाडी, 4 अगस्त। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने दतिया, बाकीपुर और मांजलपुर विधानसभा उपचुनावों के परिणामों को देश की राजनीति के लिए बड़ा संदेश और भविष्य की दिशा तय करने वाला संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि इन परिणामों से स्पष्ट है कि यदि विपक्ष एकजुट होकर बेहतर रणनीति के साथ चुनाव लड़े तो भाजपा को कड़ी चुनौती दी जा सकती है।
विद्रोही ने कहा कि बिहार की बाकीपुर विधानसभा सीट पर भाजपा को मिली हार सबसे बड़ा राजनीतिक झटका है। उनके अनुसार, राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई इस सीट पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और उनके परिवार का लगभग 30 वर्षों से प्रभाव रहा है। ऐसे मजबूत गढ़ में भाजपा की हार न केवल बिहार बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी दूरगामी असर डालेगी। उन्होंने कहा कि यह परिणाम विपक्ष के लिए संजीवनी का काम करेगा।
दतिया की जीत से कांग्रेस का बढ़ा मनोबल
विद्रोही ने कहा कि मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह की 6,059 मतों से जीत इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस ने एकजुटता और प्रभावी रणनीति के साथ चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि सत्ता और संसाधनों के बावजूद भाजपा कांग्रेस को पराजित नहीं कर सकी। यह जीत मध्यप्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन के बाद नए संगठनात्मक विश्वास को भी मजबूत करेगी।
मांजलपुर में बढ़े वोट प्रतिशत को बताया सकारात्मक संकेत
उन्होंने कहा कि गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा की जीत का अंतर सीमित होने और कांग्रेस के मत प्रतिशत में लगभग 12 प्रतिशत की वृद्धि विपक्ष के लिए उत्साहजनक है। उनके अनुसार, भाजपा के मजबूत गढ़ में कांग्रेस का प्रदर्शन 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा।
विद्रोही ने दावा किया कि तीनों उपचुनाव परिणाम इस ओर संकेत करते हैं कि भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों का राजनीतिक वर्चस्व धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस और विपक्ष भविष्य में एकजुटता, प्रभावी रणनीति और जुझारू अभियान के साथ चुनाव मैदान में उतरते हैं तो वे भाजपा को कड़ी चुनौती देने में सफल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी चुनावों में युवा मतदाता, विशेषकर जेन-जी, महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।









