जीएमडीए ने 31 कचरा संग्रहण वाहनों को सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ा, एआई आधारित ट्रैफिक नियम एनफोर्समेंट की तैयारी

गुरुग्राम, 31 जुलाई। गुरुग्राम शहर में अब कचरा ढोने वाले वाहनों की हर गतिविधि पर कंट्रोल रूम से नजर रखी जाएगी। वहीं, लेन ड्राइविंग का उल्लंघन करने वाले और ‘नो एंट्री’ में घुसने वाले भारी वाहन चालकों को भी दण्डित किया जाएगा, जल्द ही उनके घर पहुँचेगा ऑनलाइन चालान।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) शहर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को और स्मार्ट बनाते हुए इसमें तीन नई तकनीकी व्यवस्थाएं जोड़ने जा रहा है। इनका उद्देश्य स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी मजबूत करना और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराना है।

जीएमडीए ने गुरुग्राम के 31 कचरा संग्रहण वाहनों को आईसीसीसी से जोड़ दिया है। इन सभी वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर शहर के सीसीटीवी कैमरा नेटवर्क से मैप किए गए हैं। अब ये वाहन शहर के जिस भी हिस्से से गुजरेंगे, उनकी लोकेशन और मूवमेंट कंट्रोल सेंटर में रियल-टाइम देखी जा सकेगी। इससे कचरा परिवहन व्यवस्था की लगातार निगरानी होगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी या शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
ये वाहन शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से ठोस कचरा एकत्र कर लैंडफिल साईट तक पहुंचाते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह भी पता लगाया जा सकेगा कि कहीं रास्ते में कचरा तो नहीं गिराया गया या उसका अनुचित तरीके से निस्तारण तो नहीं किया गया। ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित वाहन की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।

जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने कहा कि प्राधिकरण नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का लगातार उपयोग कर रहा है। कचरा संग्रहण वाहनों को आईसीसीसी से जोड़ने से स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी बेहतर होगी, परिचालन क्षमता बढ़ेगी और कचरा परिवहन में जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इससे संचालन संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान भी संभव होगा।
लेन तोड़ी तो सीधे घर पहुंचेगा चालान
जीएमडीए और गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस अब शहर में एआई आधारित ट्रैफिक संचालन प्रणाली लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मौजूदा सीसीटीवी कैमरों की मदद से लेन ड्राइविंग का उल्लंघन करने वाले वाहनों की स्वतः पहचान होगी। इसके बाद सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन चालान तैयार कर वाहन मालिक के पते पर भेजा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे प्रमुख सड़कों पर लेन अनुशासन बढ़ेगा और यातायात अधिक व्यवस्थित होगा।
‘नो एंट्री’ में घुसे भारी वाहन भी नहीं बचेंगे
भारी वाहनों की आवाजाही पर भी एआई आधारित निगरानी की तैयारी है। प्रस्तावित प्रणाली के तहत ट्रैफिक पुलिस से वैध अनुमति प्राप्त वाहनों की स्वतः पहचान कर उन्हें छूट दी जाएगी, जबकि बिना अनुमति शहर में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों को सीसीटीवी कैमरों के जरिए चिन्हित कर सिस्टम जनरेटेड ऑनलाइन चालान जारी किए जाएंगे। इससे ‘नो एंट्री’ नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
जीएमडीए का कहना है कि इन तकनीकी व्यवस्थाओं के लागू होने से यातायात नियमों का पालन बेहतर होगा, सड़क सुरक्षा मजबूत होगी और स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत तकनीक आधारित शहरी प्रबंधन को नई मजबूती मिलेगी।








