अखिल भारतीय साहित्य परिषद के सहयोग से सप्ताहभर होंगी प्रतियोगिताएं, 21 सितंबर तक चलेगा आयोजन

गुरुग्राम। गुरुग्राम विश्वविद्यालय के भारतीय ज्ञान एवं भाषा विभाग तथा अखिल भारतीय साहित्य परिषद की गुरुग्राम इकाई के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सप्ताहभर चलने वाले ‘हिंदी का उत्सव–2026’ का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय के सेक्टर-51 स्थित सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम 21 सितंबर तक चलेगा।
उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कौशिक, कुलसचिव डॉ. संजय अरोड़ा तथा विधि एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. राकेश कुमार योगी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद की गुरुग्राम इकाई की अध्यक्ष विदु कालरा सहित परिषद के सदस्य हरीन्द्र यादव, डॉ. पुष्पा अंतिल, प्रीति मिश्रा, डॉ. रश्मि अग्रवाल, प्रतिमा मनचंदा, डॉ. राजेश्वर वशिष्ठ, डॉ. विजय नागपाल एवं बरखा यादव भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मन, कर्म और वचन में हो हिंदी का भाव : कुलपति
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. संजय कौशिक ने विद्यार्थियों से हिंदी भाषा को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संवेदनाओं से जुड़ी भाषा है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “हमारे मन, कर्म और वचन में हिंदी का भाव होना चाहिए।”
औपचारिकता नहीं, आत्मीयता से अपनाएं हिंदी

कुलसचिव डॉ. संजय अरोड़ा ने विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति गौरव और सम्मान की भावना विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और इसे जीवन में उचित स्थान दिया जाना चाहिए। हिंदी को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि समझ, संवेदना और आत्मीयता के साथ अपनाने की आवश्यकता है।
विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
उद्घाटन समारोह के बाद हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिरुचि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
आयोजकों ने बताया कि हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा के विकास तथा हिंदी के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है। विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने उद्घाटन समारोह को सफल एवं उत्साहपूर्ण बनाया।








