मोदी के जन्मदिन पर सरकारी धन से ‘सेवा संकल्प अभियान’ सत्ता का दुरुपयोग : विद्रोही

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भाजपा अपने संसाधनों से एक माह या पूरे वर्ष उत्सव मनाए, लेकिन करदाताओं के पैसे से किसी जीवित नेता का महिमामंडन लोकतंत्र के विरुद्ध

रेवाड़ी, 16 सितम्बर 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से एक माह तक चलाए जाने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें सरकारी धन, संसाधनों और प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल करके व्यक्ति विशेष का महिमामंडन कर रही हैं, जो सत्ता का खुला दुरुपयोग है।

विद्रोही ने कहा कि नरेंद्र मोदी का लगातार 25 वर्षों तक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पदों पर बने रहना उनकी राजनीतिक उपलब्धि है और इसके लिए उन्हें बधाई दी जा सकती है। प्रत्येक राजनीतिक दल, नेता और समर्थक को अपने नेता का जन्मदिन मनाने का लोकतांत्रिक अधिकार है। भाजपा-संघ और मोदी समर्थक अपने निजी धन व संसाधनों से उनका जन्मदिन एक महीने, एक वर्ष या जितने समय तक चाहें, पूरी भव्यता से मनाएं। इस पर किसी को आपत्ति नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा कि आपत्ति तब पैदा होती है, जब किसी जीवित नेता के जन्मदिन और राजनीतिक उपलब्धियों का उत्सव करदाताओं के पैसे, सरकारी संसाधनों तथा प्रशासनिक तंत्र के बल पर मनाया जाता है। यह न केवल अनैतिक है, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग और सार्वजनिक धन के अनुचित इस्तेमाल का गंभीर मामला भी है।

विद्रोही ने कहा कि दिवंगत राष्ट्रीय नेताओं और महापुरुषों की जयंती अथवा पुण्यतिथि सरकारी स्तर पर मनाकर उनके योगदान को याद करना अलग बात है, लेकिन सत्ता में बैठे किसी जीवित नेता का जन्मदिन सरकारी अभियान के रूप में मनाना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। लोकतंत्र में सरकार और राजनीतिक दल के बीच की मर्यादा तथा सार्वजनिक और निजी आयोजनों का अंतर बनाए रखना आवश्यक है।

सेवा के नाम पर व्यक्ति पूजा

विद्रोही ने आरोप लगाया कि जन्मदिन को ‘सेवा संकल्प माह’ का नाम देकर सरकारी मशीनरी से कार्यक्रम आयोजित करवाना सेवा से अधिक व्यक्ति पूजा को बढ़ावा देने का प्रयास है। सरकार की योजनाएं और जनसेवा निरंतर चलने वाली संवैधानिक जिम्मेदारियां हैं। उन्हें किसी नेता के जन्मदिन से जोड़ना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकारी धन जनता की मेहनत से जमा हुआ कर है और उसका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जनकल्याण तथा बुनियादी सुविधाओं के लिए होना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति की राजनीतिक छवि चमकाने के लिए।

परिवारवाद का विरोध, व्यक्तिवाद को बढ़ावा क्यों?

विद्रोही ने भाजपा-संघ से सवाल किया कि एक ओर वह परिवारवाद और व्यक्तिवाद का विरोध करने का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर सरकारी संसाधनों के सहारे नरेंद्र मोदी की व्यक्ति पूजा को बढ़ावा क्यों दिया जा रहा है?

उन्होंने कहा, “भाजपा अपने धन और संसाधनों से मोदीजी का जन्मदिन जितनी भव्यता से चाहे मनाए, लेकिन सरकारी खजाने और प्रशासनिक मशीनरी को किसी जीवित नेता के महिमामंडन का साधन बनाना लोकतंत्र की भावना के साथ छल है।”

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Author: Bharat Sarathi

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