एएनपीआर कैमरों की स्थापना पर खर्च होंगे 41 करोड़ 74 लाख रुपये, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों की पहचान और पर्यावरणीय मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल पंपों पर लगाए जाएंगे कैमरे : अनिल विज
चण्डीगढ़, 15 सितंबर – हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में परिवहन विभाग द्वारा ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि योजना के प्रथम चरण में एनसीआर के प्रमुख जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में कुल 775 एएनपीआर कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 41 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि खर्च होगी।
श्री विज ने बताया कि इस संबंध में प्रस्तुत प्रस्ताव को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि एनसीआर के इन प्रमुख जिलों में जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों (End-of-Life Vehicles—ELVs) की पहचान तथा पर्यावरणीय मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए एएनपीआर कैमरे लगाने की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत के एनसीआर क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर लगभग 775 एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि ऐसे पुराने वाहनों की प्रभावी पहचान की जा सके।
गुरुग्राम में 249, सोनीपत में 215, झज्जर में 195 तथा फरीदाबाद में 116 एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे
उन्होंने बताया कि यह कार्य वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (Commission for Air Quality Management—CAQM) द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में 249, सोनीपत में 215, झज्जर में 195 तथा फरीदाबाद में 116 एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे। इस प्रकार इन चार जिलों में कुल 775 कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 41 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। श्री विज ने बताया कि प्रदेश में कुल लगभग 2,780 एएनपीआर कैमरे लगाए जाने की आवश्यकता है। इनमें से प्रथम चरण में एनसीआर के चार प्रमुख जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत में 775 कैमरे स्थापित किए जाएंगे।
30 सितंबर तक कैमरे लगाने का लक्ष्य, CAQM के निर्देशों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित की जा सके
परिवहन मंत्री ने कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुसार एएनपीआर कैमरों की स्थापना का कार्य 30 सितंबर, 2026 तक पूरा किया जाना है। इसके पश्चात 1 अक्टूबर, 2026 से हरियाणा में पंजीकृत जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों को ईंधन की आपूर्ति नहीं की जानी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है, ताकि CAQM के निर्देशों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित की जा सके।
पुराने वाहनों की प्रभावी पहचान पर जोर, एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी
श्री विज ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल एएनपीआर कैमरे स्थापित करना नहीं है, बल्कि इस तकनीक के माध्यम से पुराने एवं जीवन-अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों की प्रभावी पहचान करना तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित निर्धारित प्रावधानों को लागू करना है। उन्होंने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए CAQM द्वारा जारी निर्देशों की अनुपालना हरियाणा सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि एएनपीआर तकनीक के माध्यम से वाहनों की पहचान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा तथा एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।








