किसानों को कानूनी अधिकारों के साथ पर्यावरण संरक्षण और बेहतर कृषि पद्धतियों के प्रति किया जा रहा जागरूक
गुरुग्राम, 15 सितंबर- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा 1 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक “किसान सशक्तिकरण एवं चेतना अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गांव-गांव जाकर किसानों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और विवादों के समाधान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं बेहतर कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम निशा के निर्देशन में पैनल अधिवक्ताओं और पैरा लीगल वालंटियर्स द्वारा विभिन्न गांवों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
शिविरों में किसानों को भूमि अभिलेख, इंतकाल, बंटवारा एवं काश्तकारी से जुड़े मामलों, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि ऋण, फसल बीमा, सरकारी योजनाओं, उपभोक्ता संरक्षण और विवाद समाधान के उपायों की जानकारी दी जा रही है। किसानों को लोक अदालत एवं मध्यस्थता के माध्यम से कृषि संबंधी विवादों का आपसी सहमति से समाधान करने के बारे में भी बताया जा रहा है।
अभियान के दौरान पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण, मिट्टी की गुणवत्ता में कमी और भूजल स्तर गिरने के दुष्प्रभावों तथा इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है। किसानों को हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम और बायो-डीकंपोजर जैसे पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पैरा लीगल वालंटियर्स द्वारा जरूरतमंद किसानों को निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी देने के साथ उनकी कानूनी समस्याओं की पहचान कर उन्हें पैनल अधिवक्ताओं से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य और संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम का यह अभियान किसानों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी देने के साथ पर्यावरण-अनुकूल और बेहतर कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।








