मुशेदपुर गांव में एसडीएम दिनेश लुहाच ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, विभागीय शिविरों में मिली योजनाओं की जानकारी

गुरुग्राम, 31 जुलाई। हरियाणा सरकार की ‘रात्रि ठहराव’ पहल के तहत जिला प्रशासन ने वीरवार को फर्रूखनगर खंड के गांव मुशेदपुर में रात्रि ठहराव कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम दिनेश लुहाच ने की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं एवं सुझाव गंभीरता से सुने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जागरूकता एवं सेवा शिविर भी लगाए गए, जिनमें ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई।

गांव पहुंचने पर एसडीएम दिनेश लुहाच का ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न विभागों के शिविरों का निरीक्षण कर अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और लाभार्थियों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। ग्राम पंचायत की ओर से सरपंच ने गांव की प्रमुख विकास आवश्यकताओं से संबंधित मांगपत्र एसडीएम को सौंपा। एसडीएम ने आश्वस्त किया कि गांव से जुड़े सभी उचित प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी तथा विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए एसडीएम दिनेश लुहाच ने कहा कि रात्रि ठहराव कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासन और आमजन के बीच दूरी कम करना है, ताकि अधिकारी स्वयं गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझ सकें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
कार्यक्रम में महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी समस्याएं एवं सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। एसडीएम ने संबंधित विभागों को इन विषयों पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन से सीधे संपर्क करने में संकोच न करें।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन गांवों के समग्र विकास, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और जनसेवा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। रात्रि ठहराव जैसे कार्यक्रम शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ विकास कार्यों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि युवा गांव के विकास में योगदान दें। युवा नशे से दूर रहें व अपने सर्वांगीण विकास पर फोकस करें। युवा खेलों से जुड़े। नशे के जो आदी हैं वह भी नशे को छोड़कर अच्छा नागरिक बन सकता है।उन्होंने कहा कि नशे के बारे में कोई भी ग्रामीण पुलिस को सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।








