31 जुलाई को प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित, 3 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम सूची; कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित नहीं रहेगा।
चंडीगढ़, 31 जुलाई। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने राज्य में 15 जून से 24 जुलाई 2026 तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के मुख्य निष्कर्ष जारी किए हैं। अभियान के दौरान कुल 2.06 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 1.72 करोड़ (83.61 प्रतिशत) मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र (Enumeration Form) जमा किए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, लगभग 24.13 लाख (11.68%) मतदाता स्थानांतरित, अनुपस्थित अथवा अन्य कारणों से संपर्क में नहीं आ सके। वहीं 7.66 लाख (3.71%) मतदाताओं की मृत्यु दर्ज की गई तथा लगभग 2.04 लाख (0.99%) मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए। ऐसे मामलों में नियमानुसार केवल एक स्थान पर नाम रखा जाएगा।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पात्र मतदाता 24 जुलाई तक गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाया है तो वह 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक निर्धारित घोषणा-पत्र एवं प्रपत्र-6 के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है।
अभियान में सभी राजनीतिक दलों की भी सक्रिय भागीदारी रही। विभिन्न दलों द्वारा कुल 36,998 बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए गए, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के 19,242 तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 15,154 बीएलए शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग ने बताया कि राज्यभर में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए, 1950 हेल्पलाइन संचालित की गई, भागवार (Part-wise) मतदाता सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई तथा बूथ स्तर पर विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। मतदाताओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त मतदान केंद्र भी बनाए गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम बिना विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाए मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। यदि किसी नाम पर आपत्ति या पात्रता संबंधी प्रश्न होगा तो संबंधित ईआरओ (ERO) नोटिस जारी कर सुनवाई करेगा और उसके बाद ही निर्णय लिया जाएगा। प्रभावित व्यक्ति को अपील का भी अधिकार रहेगा।
महत्वपूर्ण तिथियां
- 31 जुलाई 2026: प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन
- 31 जुलाई–30 अगस्त 2026: दावे एवं आपत्तियां
- 31 जुलाई–28 सितंबर 2026: दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण
- 3 अक्टूबर 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन









