छात्र संसद मार्च पर पुलिस कार्रवाई की निंदा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

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वेदप्रकाश विद्रोही ने प्रधानमंत्री से जेन-जी से माफी मांगने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की अपील की

रेवाडी, 21 जुलाई 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने 20 जुलाई को पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए छात्र-युवा संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है।

जारी बयान में विद्रोही ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े तथा प्रदर्शनकारियों के साथ कठोर व्यवहार किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों का व्यवहार अमानवीय और अनुचित था।

विद्रोही ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जेन-जी (नई पीढ़ी) से सार्वजनिक माफी मांगने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने की मांग की। उनका आरोप है कि छात्र-युवाओं की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में पहली बार देश के युवा वर्ग ने केंद्र सरकार के समक्ष खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उनके अनुसार, पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा लगातार उठाए जा रहे सवालों का असर अब देशभर के छात्रों और युवाओं के आंदोलन में दिखाई दे रहा है।

विद्रोही ने दावा किया कि छात्र-युवाओं का यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है। उन्होंने देश के नागरिकों से लोकतंत्र, संविधान तथा शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया और कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों को किसी भी स्थिति में कुचला नहीं जाना चाहिए।

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Author: Bharat Sarathi

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