फर्जी निवेश ऐप से 2.65 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, दुबई सिंडिकेट को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार

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90 एटीएम कार्ड, 42 चेकबुक, 35 सिम कार्ड और लैपटॉप समेत भारी मात्रा में सामान बरामद; 200 से ज्यादा खाते उपलब्ध कराने का खुलासा

गुरुग्राम, 20 जुलाई 2026। प्रतिष्ठित निवेश कंपनियों के नाम पर बनाए गए फर्जी व्हाट्सऐप ग्रुप और निवेश ऐप के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का गुरुग्राम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर अपराध पूर्व थाना पुलिस और स्पेशल साइबर अपराध शाखा, सेक्टर-56 की टीम ने साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह ने एक व्यक्ति से निवेश के नाम पर 2 करोड़ 65 लाख 55 हजार रुपये की ठगी की थी।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 3 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, 90 एटीएम कार्ड, 42 चेकबुक, 35 सिम कार्ड, 4 फर्जी फर्मों की स्टाम्प और दुबई वीजा सहित एक पासपोर्ट बरामद किया गया है।

फर्जी निवेश ऐप के जरिए बनाया शिकार

पुलिस के अनुसार 19 जुलाई 2026 को साइबर अपराध पूर्व थाना गुरुग्राम में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे प्रतिष्ठित निवेश कंपनियों के नाम से बनाए गए फर्जी व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद आरोपियों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर एक फर्जी निवेश ऐप के माध्यम से अलग-अलग बैंक खातों में रुपये जमा करवा लिए।

शिकायतकर्ता ने जब निवेश की गई रकम और लाभ निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने और अधिक पैसे जमा कराने की मांग की। इसके बाद उसे अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला।

दुबई स्थित साइबर सिंडिकेट को उपलब्ध कराते थे खाते

सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध गुरुग्राम गौरव फोगाट के मार्गदर्शन में स्पेशल साइबर अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:

  • सोनू चौधरी (23 वर्ष) निवासी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
  • पुनीत चौधरी (27 वर्ष) निवासी गाजियाबाद, वर्तमान निवासी बहादुरगढ़
  • विकास (22 वर्ष) निवासी गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश, वर्तमान निवासी बहादुरगढ़
  • अभिषेक शर्मा (23 वर्ष) निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश, वर्तमान निवासी बहादुरगढ़
  • दुष्यंत चौधरी (25 वर्ष) निवासी बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश, वर्तमान निवासी बहादुरगढ़
  • सम्राट सिब्बल (46 वर्ष) निवासी उत्तम नगर, दिल्ली

पुलिस ने सोनू चौधरी को 18 जुलाई को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया, जबकि अन्य आरोपियों को बहादुरगढ़ और दिल्ली से पकड़ा गया।

60 हजार रुपये में बैंक खाता उपलब्ध कराया

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि ठगी की रकम में से करीब 6 लाख रुपये एक निजी फर्म के बैंक खाते में पहुंचे थे। जांच में पता चला कि उक्त फर्म का संचालन सोनू चौधरी कर रहा था।

सोनू ने बताया कि उसने पुनीत चौधरी के कहने पर फर्म का बैंक खाता खुलवाकर उसे 60 हजार रुपये में उपलब्ध कराया था। इसके बाद पुनीत ने इस खाते को दुबई स्थित साइबर ठगी सिंडिकेट को दे दिया।

पुलिस के अनुसार साइबर ठगी की रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से आगे भेजा जाता था और इसके बदले करीब 5 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।

बहादुरगढ़ के फ्लैट से चलता था फर्जी खातों का नेटवर्क

जांच में सामने आया कि आरोपी पुनीत चौधरी ने बहादुरगढ़ में 17 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर फ्लैट लिया हुआ था। इसी स्थान से फर्जी फर्मों का पंजीकरण, बैंक खाते खुलवाने, फर्जी ई-मेल आईडी तैयार करने और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले दस्तावेज तैयार करने का काम किया जाता था।

पुलिस के अनुसार पुनीत ने अभिषेक शर्मा, विकास और दुष्यंत चौधरी को 15 से 20 हजार रुपये मासिक वेतन पर रखा हुआ था। ये लोग विभिन्न व्यक्तियों और फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें दुबई स्थित साइबर ठगी सिंडिकेट तक पहुंचाते थे।

200 से ज्यादा बैंक खाते पहुंचाने का दावा

पुलिस पूछताछ में आरोपी पुनीत ने बताया कि वह कई बार दुबई जा चुका है और अब तक 200 से अधिक बैंक खाते दुबई स्थित साइबर ठगी सिंडिकेट को उपलब्ध करा चुका है। उसके कब्जे से दुबई वीजा सहित पासपोर्ट भी बरामद हुआ है।

पुलिस अब दुबई स्थित साइबर ठगी नेटवर्क, ठगी की रकम के लेन-देन, अन्य राज्यों में हुई वारदातों और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जांच आगे बढ़ा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे फर्जी फर्मों, बैंक खातों और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है।

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Author: Bharat Sarathi

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