जींद कार्यक्रम को बताया महज प्रचार अभियान, पहले से संचालित मेडिकल कॉलेजों के दोबारा लोकार्पण पर उठाए सवाल
रेवाडी, 18 जुलाई। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जींद में हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस आयोजन और उससे जुड़े प्रचार-प्रसार पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन हरियाणा को इससे कोई नई उपलब्धि या ठोस लाभ नहीं मिला।
विद्रोही ने कहा कि पूरे हरियाणा के प्रत्येक जिले में सरकारी संसाधनों और धन के माध्यम से इस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार किया गया। उनका आरोप है कि यदि यही राशि विकास कार्यों पर खर्च की जाती तो आम जनता को वास्तविक लाभ मिलता। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य विकास से अधिक राजनीतिक प्रचार प्रतीत होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने जिन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया, उनमें कई पहले से पूरी हो चुकी थीं। विशेष रूप से दो मेडिकल कॉलेजों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों संस्थान पहले से संचालित हैं, उनमें एमबीबीएस प्रथम वर्ष के 100-100 विद्यार्थियों का प्रवेश हो चुका है तथा ओपीडी सेवाएं भी शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में उन्हीं परियोजनाओं का दोबारा लोकार्पण कर उन्हें नई सौगात के रूप में प्रस्तुत करना जनता के साथ भ्रम पैदा करने जैसा है।
विद्रोही ने कहा कि प्रधानमंत्री पिछले कई वर्षों में हरियाणा के अनेक दौरों पर आए हैं, लेकिन उनके अनुसार राज्य को नई और ठोस परियोजनाओं की बजाय केवल घोषणाएं और दावे ही अधिक मिले हैं। उन्होंने जींद कार्यक्रम को भी इसी श्रेणी का आयोजन बताया।
रेवाड़ी का उल्लेख करते हुए विद्रोही ने कहा कि वहां के भाजपा नेताओं ने हाइड्रोजन ट्रेन कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता का संदेश दिया, जबकि शहर की सफाई व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में कई बार स्वच्छता अभियान के नाम पर फोटो अवसर बनाए गए, लेकिन रेवाड़ी की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार नहीं हुआ तथा शहर में गंदगी, कीचड़ और बदबू की समस्या बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि केवल स्वच्छता के संदेश देने या प्रचार अभियान चलाने से शहर स्वच्छ नहीं होगा, बल्कि इसके लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य और जवाबदेही आवश्यक है।









