2846 मामलों पर हुई सुनवाई, 2.12 करोड़ रुपए से अधिक राशि पर हुआ समझौता
जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
गुरुग्राम, 18 जुलाई- हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत लंबित चेक बाउंस मामलों के निस्तारण के लिए विशेष राज्य लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।
विशेष राज्य लोक अदालत ने चेक अनादरण (चेक बाउंस) से जुड़े मामलों के सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित समाधान के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराया, जिससे पक्षकारों को शीघ्र, सुलभ और किफायती न्याय मिला। लोक अदालत में धारा 138 के कुल 2846 मामले विचारार्थ रखे गए, जिनमें से 2339 मामलों का आपसी सहमति से समझौते के माध्यम से सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
निस्तारित मामलों में 2 करोड़ 12 लाख 13 हजार रूपये की राशि पर समझौता हुआ। यह विशेष राज्य लोक अदालत न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने के साथ-साथ विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुरुग्राम निशा ने कहा कि लोक अदालतें लोगों को जल्दी, आसान और कम खर्च में न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने के साथ-साथ आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की भावना को भी बढ़ावा देते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम ने इस विशेष राज्य लोक अदालत के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक प्रतिनिधियों, पक्षकारों तथा अन्य सभी संबंधित लोगों का आभार व्यक्त किया।








