NEET मुद्दे पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की AIDYO ने निंदा, 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन में युवाओं से शामिल होने की अपील

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जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे डॉ. सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को बताया अलोकतांत्रिक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NTA भंग करने की मांग दोहराई

गुड़गांव, 18 जुलाई। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (AIDYO) हरियाणा ने NEET प्रश्नपत्र लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। संगठन के हरियाणा संयोजक बलवान सिंह ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि पिछले 21 दिनों से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET प्रश्नपत्र लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद्, वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद् डॉ. सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा बलपूर्वक उठाकर अस्पताल में भर्ती कराना अत्यंत अलोकतांत्रिक और निंदनीय है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारी पुलिस बल की तैनाती कर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल से हटाया गया तथा उनके साथ मारपीट, धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार किया गया। उनके अनुसार यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार को आंदोलनकारियों से सम्मानजनक संवाद कर समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए, न कि पुलिस बल के सहारे शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का प्रयास करना चाहिए।

AIDYO हरियाणा ने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट, धक्का-मुक्की और पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे संविधान द्वारा प्रदत्त शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का उल्लंघन बताया।

बलवान सिंह ने देशभर के युवाओं से 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि AIDYO इस संघर्ष में देश के युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा है। उनके अनुसार यह आंदोलन केवल NEET प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध का भी संघर्ष है।

AIDYO की प्रमुख मांगें
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें।
  • राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग किया जाए।
  • प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाकर दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
  • शांतिपूर्ण आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई बंद कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
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Author: Bharat Sarathi

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