महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक

चंडीगढ़, 30 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रदेश को फिल्म, संस्कृति और रचनात्मक उद्योगों का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य में पहली बार हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026 का आयोजन 12 से 15 नवंबर, 2026 तक करने का निर्णय लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026 के आयोजन की घोषणा की थी। इसी संदर्भ में मंगलवार को फेस्टिवल की तैयारियों को लेकर सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग ने उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, दादा लखमी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (डीएलसी सुपवा), रोहतक के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया।
बैठक मे आयोजन के सफल संचालन के लिए एक कोर कमेटी का गठन भी किया गया, जो आयोजन की रूपरेखा तैयार करने, कार्यक्रमों के चयन, विभिन्न संस्थाओं एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने, प्रचार-प्रसार तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेगी।
हरियाणा फिल्म फेस्टिवल को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन के रूप में मनाया जाएगा। इसके माध्यम से हरियाणवी सिनेमा, लोक संस्कृति, कला, साहित्य एवं प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर व्यापक पहचान मिलेगी। इसमें देश-विदेश के फिल्मकारों, कलाकारों, निर्देशकों, अभिनेताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा सांस्कृतिक संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल कलाकारों, फिल्मकारों और युवा प्रतिभाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा तथा हरियाणा को फिल्म और संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक में सुपवा के कुलगुरू डॉ. अमित आर्य, फिल्मकार श्री अतुल गंगवार, अतिरिक्त निदेशक श्री विवेक कालिया, संयुक्त निदेशक, श्री नीरज, परियोजना निदेशक, डॉ. पवन आर्य, सुपवा की रजिस्ट्रार, डॉ. गुंजन मलिक, फैकल्टी, सुश्री दीप्ति खुराना, श्री केशव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।








