कांग्रेस नेता पंकज डावर का आरोप—बिना योजना के विकास कार्य, जनता के टैक्स की हो रही बर्बादी

गुरुग्राम। महरौली रोड पर करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए सड़क निर्माण कार्य को लेकर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने संबंधित विभाग और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क तो बना दी गई, लेकिन उसके साथ बरसाती नाला नहीं बनाया गया, जिसके कारण हल्की बारिश में ही सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है और गंदा पानी दिनों तक जमा रहता है।
डावर ने कहा कि महरौली रोड स्थित बिजली निगम कार्यालय के बाहर सड़क पर लगातार जलभराव रहने से हालात बदतर हो चुके हैं। बरसाती पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं होने के कारण सड़क पर पानी सड़ रहा है, जिससे न केवल आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि नई सड़क के भी समय से पहले क्षतिग्रस्त होने की आशंका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि जल निकासी की मूलभूत व्यवस्था नहीं की गई तो यह विकास नहीं बल्कि सरकारी धन की बर्बादी है। उन्होंने आशंका जताई कि अब इस कमी को छिपाने के लिए भविष्य में सड़क को दोबारा उखाड़कर नाला बनाने के नाम पर फिर से सरकारी खजाने पर बोझ डाला जा सकता है।
पंकज डावर ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसी योजनाएं बिना समुचित प्लानिंग के कैसे स्वीकृत हो जाती हैं। यदि सड़क निर्माण के साथ ही बरसाती नाले की व्यवस्था कर दी जाती तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
फुटपाथ की ग्रिल पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने पुराना सिविल अस्पताल से लेकर बिजली निगम कार्यालय तक फुटपाथ पर लगाई गई कई फीट ऊंची लोहे की ग्रिल को भी अनावश्यक बताते हुए इसे सरकारी धन की बर्बादी करार दिया। उन्होंने कहा कि इन ग्रिलों के कारण पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ का उपयोग करना मुश्किल हो गया है और लोग मजबूर होकर सड़क पर चलने को विवश हैं।
डावर ने आरोप लगाया कि जहां ग्रिल लगाने की कोई आवश्यकता नहीं थी, वहां करोड़ों रुपये खर्च किए गए। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
पारदर्शिता के अभाव का लगाया आरोप
पंकज डावर ने कहा कि गुरुग्राम में विकास कार्यों में पारदर्शिता का अभाव दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत से बिना समुचित योजना के कार्य किए जा रहे हैं, जिससे जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा व्यर्थ खर्च हो रहा है।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन किसी भी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। मंत्री बैठकों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख की बात करते हैं, लेकिन धरातल पर किसी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नजर नहीं आती।
कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की कि इस मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में किसी भी विकास परियोजना को शुरू करने से पहले उसकी समग्र योजना तैयार की जाए, ताकि जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी रोकी जा सके।








