हरिशंकर परसाई के व्यंग्य ने बिखेरी हँसी की फुहार

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अविघ्न थिएटर ग्रुप के नाटक ‘परसाई के बातूनी’ ने दर्शकों को किया हँसी से लोटपोट

गुरुग्राम, 28 जून। व्यंग्य सम्राट हरिशंकर परसाई की चर्चित कहानी पर आधारित अविघ्न थिएटर ग्रुप के नाटक ‘परसाई के बातूनी’ ने शनिवार शाम गुरुग्राम कल्चरल फोरम के सांस्कृतिक समारोह में दर्शकों को हँसी और व्यंग्य से सराबोर कर दिया। हास्य से भरपूर इस प्रस्तुति ने न केवल दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, बल्कि समाज में प्रचलित रूढ़ धारणाओं पर तीखा कटाक्ष भी किया।

नाटक में कर्नल सुमेश सेठ, अनिल कौशिक और संदीप जोशी ने अपनी सशक्त अभिनय प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कलाकारों की दमदार संवाद अदायगी, सटीक हास्य-व्यंग्य और जीवंत मंच प्रस्तुति ने दर्शकों को शुरुआत से अंत तक बांधे रखा। नाटक का निर्देशन सुहासिनी दिघे रस्तोगी ने किया, जबकि संपूर्ण संयोजन संदीप जोशी ने संभाला।

पुरुष भी कम नहीं ‘बातूनी’, व्यंग्य के जरिए सामाजिक सोच पर प्रहार

नाटक की मूल थीम समाज में व्याप्त उस धारणा पर आधारित थी कि केवल महिलाएँ ही अधिक बातूनी होती हैं। प्रस्तुति में चुटीले संवादों और प्रभावी अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पुरुष भी इस मामले में किसी से पीछे नहीं हैं। परसाई के व्यंग्य की धार को कलाकारों ने मंच पर इतने सहज और रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया कि पूरा सभागार बार-बार ठहाकों से गूंज उठा।

साहित्य, संगीत और रंगमंच का हुआ सुंदर संगम

कार्यक्रम में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सारस्वत मोहन मनीषी तथा डॉ. अशोक बत्रा की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। सरस्वती वंदना, काव्यपाठ, गीत और मोनो एक्टिंग जैसी विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक एवं यादगार बना दिया।

करमचंद गर्ग और राजपाल यादव के संयोजन की सराहना

कार्यक्रम का सफल संयोजन प्रसिद्ध कवि करमचंद गर्ग और राजपाल यादव ने किया। करमचंद गर्ग के अथक प्रयासों तथा राजपाल यादव के प्रभावी मंच संचालन की उपस्थित सभी साहित्यकारों, कलाकारों और दर्शकों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम के समापन पर कलाकारों, कवियों एवं दर्शकों के लिए रात्रिभोज का भी आयोजन किया गया।

‘अविघ्न थिएटर की प्रस्तुति कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि’

कार्यक्रम के अंत में करमचंद गर्ग ने सभी प्रतिभागियों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता का श्रेय सभी सहयोगियों को दिया। वहीं राजपाल यादव ने अविघ्न थिएटर ग्रुप की प्रस्तुति की विशेष सराहना करते हुए कहा कि “अविघ्न थिएटर की प्रस्तुति इस पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। सुहासिनी जी, संदीप जोशी, अनिल कौशिक और कर्नल सुमेश सेठ ने अपने शानदार अभिनय से सभी का मन मोह लिया।”

‘श्रेष्ठ साहित्य से ही श्रेष्ठ समाज का निर्माण संभव’ : सुहासिनी दिघे रस्तोगी

अविघ्न थिएटर ग्रुप की निर्देशिका सुहासिनी दिघे रस्तोगी ने कहा कि वरिष्ठ साहित्यकारों की उपस्थिति कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रही। उन्होंने कहा कि “साहित्य समाज का दर्पण है और समाज साहित्य का आधार। श्रेष्ठ साहित्य ही श्रेष्ठ समाज का निर्माण करता है। रंगमंच साहित्य की अनेक विधाओं और विविध कलाओं का अद्भुत संगम है। ऐसे साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना का प्रसार निरंतर होता रहना चाहिए।”

उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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