महंगाई और ईंधन मूल्य वृद्धि के खिलाफ जनता से एकजुट होने की अपील
प्रदेशभर में प्रदर्शन और जनजागरण अभियान चलाएगी एसयूसीआई

गुड़गांव, 8 जून 2026। रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को जनविरोधी बताते हुए एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) ने इसके खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन चलाने की घोषणा की है। पार्टी के हरियाणा राज्य सचिव कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा प्रभाव आवश्यक वस्तुओं और परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे महंगाई और अधिक बढ़ जाती है। वहीं रसोई गैस सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की वृद्धि ने आम परिवारों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है।
कॉमरेड राजेंद्र सिंह ने दावा किया कि जनवरी से मार्च 2026 के दौरान देश की तेल कंपनियों ने 10,217 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज कर तेल कंपनियों के मुनाफे को बनाए रखने की नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले 19 महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इसका लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचाया गया। इसके विपरीत डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई, जबकि इस अवधि में तेल कंपनियों ने करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया है।
राजेंद्र सिंह ने कहा कि देश की तेल कंपनियां कच्चा तेल आयात कर उसे परिष्कृत कर विभिन्न देशों को निर्यात करती हैं और इससे भारी लाभ कमाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिका-ईरान तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों का हवाला देकर आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है, जबकि तेल कंपनियों की मनमानी पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया जा रहा।
एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) ने आम जनता से बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ संगठित होकर विरोध दर्ज कराने की अपील की है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह राज्यभर में जनसंपर्क अभियान, प्रदर्शन और आंदोलन के माध्यम से इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी।
प्रमुख बिंदु
- रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ एसयूसीआई का आंदोलन।
- रसोई गैस सिलेंडर पर 29 रुपये की बढ़ोतरी को बताया जनविरोधी।
- तेल कंपनियों के मुनाफे और सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल।
- बढ़ती महंगाई के खिलाफ जनता से संगठित संघर्ष का आह्वान।
- राज्यभर में आंदोलन और विरोध कार्यक्रम चलाने की घोषणा।









