
रोहतक, 7 जून। हरियाणा जयहिंद सेना प्रमुख एवं समाजसेवी नेता नवीन जयहिंद के पूजनीय पिता स्वर्गीय धर्मप्रकाश कौशिक की तेरहवीं संस्कार एवं रस्म पगड़ी आज रोहतक में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ संपन्न हुई। हाल ही में कैंसर की बीमारी के कारण उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी।
तेरहवीं संस्कार एवं शोक सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, खेल जगत की हस्तियों, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय धर्मप्रकाश कौशिक के सादगीपूर्ण जीवन, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर नवीन जयहिंद ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिता का साया सिर से उठ जाना जीवन की सबसे बड़ी क्षति होती है। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने सदैव उन्हें ईमानदारी, संघर्ष और समाज सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। दुःख की इस घड़ी में परिवार को जो प्रेम, सहयोग और संबल मिला है, उसके लिए वे सभी शुभचिंतकों, साथियों एवं क्षेत्रवासियों के हृदय से आभारी हैं।
उन्होंने कहा, “पिताजी का जाना हमारे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन आप सभी का स्नेह और समर्थन हमें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान कर रहा है। इसके लिए पूरा परिवार सदैव आपका ऋणी रहेगा।”
शोक सभा में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने परिवार के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पूरे क्षेत्र में यह भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया कि दुःख की इस घड़ी में समाज का हर वर्ग परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।
इस अवसर पर जस्सी पेटवाड़, डी.पी. वत्स, मनमोहन गोयल तथा गोकुल सेतिया सहित अनेक राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक हस्तियों ने उपस्थित होकर परिवार को सांत्वना दी और स्वर्गीय धर्मप्रकाश कौशिक को श्रद्धांजलि अर्पित की।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।








