समाधान हब एवं कचरा प्रसंस्करण केंद्रों का किया अवलोकन, वार्ड समिति सदस्यों और नागरिकों को वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की दी गई जानकारी

गुरुग्राम, 6 जून। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर नगर निगम गुरुग्राम द्वारा पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में विशेष एक्सपोजर विजिट कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से वार्ड समिति सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और स्वच्छता से जुड़े अधिकारियों को ठोस कचरा प्रबंधन की आधुनिक प्रणालियों, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण तथा 3आर के महत्व से अवगत कराया गया।
खुशबू चौक स्थित समाधान हब में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वार्ड-20, जोन-4 स्थित खुशबू चौक के समाधान हब में एक विशेष एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों को पर्यावरण संरक्षण, टिकाऊ कचरा प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी के महत्व से परिचित कराना था। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त रविन्द्र मलिक, वार्ड-26 के पार्षद अनुप सिंह, वार्ड समिति सदस्यों सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई, स्वच्छता निरीक्षक दीपक डागर, ब्रांड एंबेसडर कुलदीप हिंदुस्तानी, सहायक स्वच्छता निरीक्षक कल्लू, हर्ष, अंकुर, राकेश, आईएम गुरुग्राम एनजीओ टीम तथा टीम एचएमएस के सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
प्रतिभागियों को समाधान हब की कार्यप्रणाली, कचरे के पृथक्करण, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण की प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही नागरिकों को घर-घर स्तर पर कचरा पृथक्करण अपनाने तथा स्वच्छ गुरुग्राम के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
जोन-2 के वार्ड-5 में कचरा प्रसंस्करण इकाइयों का किया निरीक्षण

इसी क्रम में जोन-2 के वार्ड-5 में वार्ड समिति सदस्यों के लिए गीले एवं सूखे कचरे के प्रसंस्करण केंद्रों का एक्सपोजर विजिट आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन एवं स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस दौरान पार्षद प्रदीप कुमार पदम, पार्षद परमिंदर कटारिया, वार्ड समिति सदस्यों, वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक हर्ष चावला, स्वच्छता निरीक्षक हरीश शर्मा तथा सहायक स्वच्छता निरीक्षकों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों ने कचरा प्रसंस्करण की विभिन्न प्रक्रियाओं का अवलोकन किया और जाना कि किस प्रकार गीले एवं सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर संसाधनों का पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने 3आर सिद्धांत – रिड्यूस, रीयूज़ और रीसाइकिल – को अपनाने पर बल देते हुए बताया कि यही स्वच्छ और टिकाऊ शहर की आधारशिला है।
सामुदायिक भागीदारी से बनेगा स्वच्छ और हरित गुरुग्राम
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए नागरिकों, सामाजिक संगठनों और समुदायों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, पुनर्चक्रण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर प्रत्येक नागरिक स्वच्छ और हरित गुरुग्राम के निर्माण में योगदान दे सकता है।
‘प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए’
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम “‘प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” के अनुरूप आयोजित इन कार्यक्रमों ने प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। नगर निगम गुरुग्राम ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता, कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और स्वस्थ गुरुग्राम के निर्माण में सहयोग करें।








