रोजगार के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने, रिक्त पद भरने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग; केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी उठाई मांग
गुड़गांव, 6 जून। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गनाइजेशन (एआईडीवाईओ) के प्रांतीय संयोजक बलवान सिंह ने घोषणा की है कि संगठन की ओर से 7 जून को बाबा प्रकाश पुरी चौक, गुड़गांव में युवा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। प्रदर्शन के माध्यम से बेरोजगारी, रोजगार के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित करने, सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती करने, पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर रोक लगाने, बढ़ती महंगाई तथा शिक्षा व्यवस्था की बदहाली जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
बलवान सिंह ने कहा कि देश का युवा आज बेरोजगारी और असुरक्षित भविष्य की समस्या से जूझ रहा है। लाखों शिक्षित युवा वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले पेपर लीक, भर्ती घोटालों और रिक्त पदों को न भरने की नीतियों के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों, स्कूलों और अन्य संस्थानों में हजारों पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार इन पदों को भरने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों ने युवाओं का भरोसा तोड़ा है। संगठन की मांग है कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों के दोषियों को कड़ी एवं उदाहरणात्मक सजा दी जाए तथा परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
बलवान सिंह ने कहा कि एआईडीवाईओ लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, पेपर लीक और भर्ती घोटालों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है। इसी क्रम में संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय किए जाने तथा उनके इस्तीफे की मांग करता है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और युवाओं के सामने खड़े रोजगार संकट ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा।
बलवान सिंह ने कहा कि हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन को प्रारंभ में अनुमति न दिया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला था। हालांकि जनदबाव के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति दिया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत है। उन्होंने कहा कि जनता को अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने गुड़गांव के युवाओं, छात्रों, मजदूरों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे 7 जून को बाबा प्रकाश पुरी चौक पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी आवाज बुलंद करें तथा युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर एकजुटता का परिचय दें।








