भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं कागजों तक सीमित, गरीबों को मिल रही परेशानियां : कुमारी सैलजा

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आरटीई भुगतान, आयुष्मान योजना और लाडो लक्ष्मी योजना के क्रियान्वयन पर उठाए सवाल, पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने की मांग

चंडीगढ़, 6 जून। कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा की भाजपा सरकार बड़े-बड़े वादे तो करती है, लेकिन धरातल पर आम लोगों, विशेषकर गरीब और कमजोर वर्गों को योजनाओं का लाभ लेने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाएं केवल प्रचार तक सीमित होकर रह गई हैं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा देने का प्रावधान है, लेकिन सरकार द्वारा निजी स्कूलों को समय पर प्रतिपूर्ति राशि नहीं दिए जाने के कारण हजारों बच्चों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि समाचारों से स्पष्ट है कि करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित होने के कारण स्कूल प्रबंधन आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। इससे गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि यही स्थिति आयुष्मान भारत योजना की भी है। सरकार आयुष्मान कार्ड बनाकर अपनी उपलब्धियां गिनाती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण अनेक निजी चिकित्सालय आयुष्मान कार्ड धारकों का उपचार करने में आनाकानी कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कई गंभीर बीमारियों और उपचारों को योजना के दायरे से बाहर कर दिया गया है, जिससे कार्ड होने के बावजूद गरीब मरीजों को अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार ने वर्ष 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना के तहत हर महीने 2100 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन चुनाव के बाद सरकार ने इस योजना के साथ अनेक शर्तें जोड़ दीं। इसके कारण बड़ी संख्या में जरूरतमंद महिलाएं अभी तक इस लाभ से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी वादों और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच का अंतर अब जनता के सामने स्पष्ट हो चुका है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं, विद्यार्थियों और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की रही है। योजनाओं का उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि पात्र लोगों तक उनका लाभ सुनिश्चित करना होना चाहिए। लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी और सरकार से मांग करती है कि आरटीई के तहत लंबित भुगतान तुरंत जारी किए जाएं, आयुष्मान योजना में अस्पतालों के बकाया का शीघ्र निपटारा किया जाए तथा लाडो लक्ष्मी सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को बिना अनावश्यक शर्तों के पात्र लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को वास्तविक राहत मिल सके।

हर बार दाखिलों में अड़चन

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार हर बार आरटीई के तहत मुफ्त शिक्षा का वादा तो करती है, लेकिन दाखिला प्रक्रिया के दौरान लगातार बाधाएं सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के हाथ हर बार खाली रह जाते हैं और निजी स्कूलों को समय पर भुगतान तक नहीं मिल पाता। उनके अनुसार अभी भी लगभग 35 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति राशि बकाया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

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Author: Bharat Sarathi

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