’विश्व पर्यावरण दिवस’ पर किया राज्यव्यापी वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ
चंडीगढ़, 5 जून- पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश तथा हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति दीपक सिबल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरियाणा भर में एक राज्यव्यापी वृक्षारोपण महाअभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत वन विभाग के सहयोग आगामी मानसून सीज़न के दौरान राज्य भर में लगभग 10 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा।
राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ करते हुए न्यायमूर्ति दीपक सिबल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के जिला एवं सत्र न्यायाधीशों-एवं-अध्यक्षों तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट्स-एवं-सचिवों से बातचीत करते हुए उन्हें पौधारोपण अभियान के संबंध में व्यापक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पहल वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित गतिविधियों का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर बल देते हुए एक हरित एवं पर्यावरण अनुकूल भविष्य को बढ़ावा देने और भावी पीढ़ियों के लिए जीवंत एवं स्वस्थ पर्यावरण की विरासत सुनिश्चित करने में सभी हितधारकों की सामूहिक जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने न्यायालय परिसरों, एडीआर केंद्रों, न्यायिक आवासीय परिसरों तथा अन्य उपलब्ध सार्वजनिक स्थानों पर उपयुक्त स्थानों की पहचान करके जिलों में व्यापक वृक्षारोपण गतिविधियों को शुरू करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वृक्षों का संरक्षण और पोषण उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उनका रोपण। उन्होंने वृक्षों के संरक्षण, पोषण एवं स्वस्थ विकास सुनिश्चित करने के लिए पौधों की उचित देखभाल, रखरखाव और निगरानी की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
माननीय न्यायाधीश ने निर्देश दिए कि वृक्षारोपण अभियान को व्यवस्थित और परिणाम प्रेरित तरीके से चलाया जाए, जिसमें स्कूली बच्चों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पारिस्थितिक परिस्थितियों के अनुकूल स्वदेशी, औषधीय, फलदायी और छायादार प्रजातियों के पौधे लगाए जाएं। इस पहल का उद्देश्य केवल हरित आवरण बढ़ाना ही नहीं, बल्कि जैव-विविधता को मजबूत करना और पूरे राज्य में पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ाना भी है। उन्होंने हरियाणा के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि वे प्रभावी निगरानी और यथार्थवादी परिणामों के लिए इस पहल की प्रगति के संबंध में हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें।
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री जगदीप सिंह ने कहा कि यह अभियान केवल एक प्रतीकात्मक अभ्यास बनकर न रह जाए, बल्कि एक सतत पर्यावरण आंदोलन में परिवर्तित होना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित हितधारकों से अनुरोध किया कि वे रोपित पौधों की कम से कम पांच वर्षों तक उचित देखभाल, सिंचाई और सुरक्षा सुनिश्चित करें ताकि वे स्वस्थ रूप से विकसित होकर परिपक्व वृक्ष बन सकें। उन्होंने सभी हितधारकों और आम जनता से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और एक हरित एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक हरियाणा के निर्माण में योगदान देने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रभाव उत्पन्न करने, पारिस्थितिक संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने और पूरे हरियाणा राज्य में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस वृक्षारोपण महाअभियान को हरियाणा के सभी सत्र मंडलों में मिशन मोड के रूप में कार्यान्वित किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-एवं-सदस्य सचिव, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जगदीप सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पंचकुला संजय संधीर, संयुक्त सदस्य सचिव, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण मानविका यादव तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकुला अजय कुमार भी उपस्थित थे।








