गुरुग्राम में अत्याधुनिक मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) का होगा निर्माण

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केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने विश्व पर्यावरण दिवस पर सेक्टर-109 में रखी आधारशिला, कचरा प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम

गुरुग्राम, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुग्राम में ठोस कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) द्वारा सेक्टर-109 में अत्याधुनिक मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) की स्थापना की जा रही है, जिसकी आधारशिला केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने रखी। इस अवसर पर हरियाणा सरकार के पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, गुरुग्राम की महापौर राजरानी मल्होत्रा, निगमायुक्त प्रदीप दहिया, अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ प्रीतपाल सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारीगण और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

पीपीपी मॉडल पर विकसित होगी आधुनिक सुविधा

यह परियोजना जन-निजी-सामुदायिक साझेदारी (पीपीपी मॉडल) के तहत विकसित की जा रही है। इसमें नगर निगम गुरुग्राम, नागारो तथा राहगिरी फाउंडेशन की साझेदारी रहेगी। परियोजना का उद्देश्य मिश्रित ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने तथा लैंडफिल पर निर्भरता को कम करना है।

प्रतिदिन 42 टन कचरे के प्रबंधन की क्षमता

नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि गुरुग्राम में प्रतिदिन लगभग 1,500 टन ठोस कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें से करीब 1,200 टन का प्रबंधन वर्तमान व्यवस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है। सेक्टर-109 में स्थापित होने वाली यह नई एमआरएफ विशेष रूप से सेक्टर-18 क्षेत्र, सरहौल तथा आसपास के इलाकों से प्रतिदिन निकलने वाले लगभग 42 टन मिश्रित घरेलू, व्यावसायिक एवं औद्योगिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए विकसित की जा रही है।

उन्नत तकनीक से होगा कचरे का प्रसंस्करण

नई सुविधा में एयर क्लासिफायर, मैग्नेटिक सेपरेटर तथा अन्य आधुनिक मशीनरी का उपयोग किया जाएगा, जिससे कचरे की स्वचालित छंटाई संभव होगी। इसका उद्देश्य मिश्रित कचरे की मैनुअल हैंडलिंग को 10 प्रतिशत से कम करना और सफाई कर्मियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त, गीले कचरे के निस्तारण के लिए ऑर्गेनिक रोटेटिंग ड्रम कंपोस्टिंग तकनीक अपनाई जाएगी, जो कम समय में बिना दुर्गंध के कचरे को संसाधित करने में सक्षम होगी।

बंधवाड़ी लैंडफिल पर कम होगा दबाव

इस परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य स्थानीय स्तर पर कचरे का उपचार और पुनर्चक्रण कर उसे सीधे वैल्यू-चेन से जोड़ना है। इससे बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर कचरे का दबाव कम होगा, परिवहन लागत घटेगी तथा प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

परियोजना के साथ-साथ स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, सामुदायिक कंपोस्टिंग तथा जन-जागरूकता गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए ‘स्वच्छता एक्सप्रेस’ नामक विशेष इलेक्ट्रिक रिक्शा के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही सफाई मित्रों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वच्छता दूत के रूप में सशक्त बनाया जा रहा है।

स्वच्छ और टिकाऊ गुरुग्राम की दिशा में बड़ा कदम

यह अत्याधुनिक मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी शहर में कचरा प्रबंधन की नई मिसाल स्थापित करेगी। पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के पुनः उपयोग और स्वच्छता को बढ़ावा देने वाली यह परियोजना गुरुग्राम को अधिक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा, मेयर राजरानी मल्होत्रा, सीपी शिवास कविराज, गुरुग्राम निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स डॉ नवदीप सिंह, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड योगेश कुमार सदस्य सचिव, एडीसी सोनू भट्ट, डीसीपी वेस्ट करन गोयल, डीएफओ राजकुमार, पटौदी के पूर्व विधायक सत्यप्रकाश जरावता, अतिरिक्त निगम आयुक्त रविंद्र यादव, संयुक्त आयुक्त प्रीतपाल, एसडीएम गुरुग्राम हितेंद्र कुमार, गुरुग्राम मंडल के वन संरक्षक सुभाष यादव, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के रीजनल ऑफिसर सिद्धार्थ तथा आकांक्षा तंवर, भाजपा जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, नगारो के सीईओ मानस ह्यूमन, राहगीरी फाउंडेशन से सारिका पांडा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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