फिलहाल 49.80 किलोमीटर एसटीपी पाइपलाइन नेटवर्क से 142 पार्कों को मिल रहा उपचारित जल, अन्य 170 पार्कों तक होगा विस्तार
गुरुग्राम, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने नगर निगम गुरुग्राम के पार्कों में एसटीपी शोधित पानी लाइनों के विस्तार का शिलान्यास किया। सतत जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति निगम ने प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उपचारित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। निगम द्वारा शहर के पार्कों, ग्रीन बेल्ट और अन्य हरित क्षेत्रों की सिंचाई के लिए एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के उपचारित जल का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे बहुमूल्य भूजल और ताजे पानी के संसाधनों पर निर्भरता लगातार कम हो रही है।
142 पार्कों तक पहुंचा उपचारित जल
नगर निगम गुरुग्राम ने वर्तमान में लगभग 49.80 किलोमीटर लंबा एसटीपी उपचारित जल पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया है। इसमें 16.5 किलोमीटर पाइपलाइन एमसीजी के माइक्रो एसटीपी से तथा 33.3 किलोमीटर पाइपलाइन जीएमडीए के एसटीपी नेटवर्क से जुड़ी हुई है। इस व्यवस्था के माध्यम से शहर के लगभग 142 पार्कों और हरित क्षेत्रों को सिंचाई के लिए उपचारित जल उपलब्ध कराया जा रहा है।
170 और पार्कों तक होगा विस्तार
शहर में सतत जल प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए नगर निगम ने 55.15 किलोमीटर अतिरिक्त एसटीपी पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद लगभग 170 अतिरिक्त पार्कों और हरित क्षेत्रों को उपचारित जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। प्रस्तावित क्षेत्रों में साउथ सिटी-2, सेक्टर-57, सेक्टर-45 एवं 52, सुशांत लोक-1, अर्दी सिटी, ग्रीनवुड सिटी, साउथ सिटी-1 तथा फाजिलपुर क्षेत्र शामिल हैं।
जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
नगर निगम की यह पहल न केवल ताजे जल संसाधनों के संरक्षण में सहायक साबित हो रही है, बल्कि जल के पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग को बढ़ावा देकर एक सर्कुलर वाटर इकोनॉमी को भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके साथ ही शहरी हरित क्षेत्रों का सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
हरित और टिकाऊ गुरुग्राम के निर्माण का संकल्प
नगर निगम गुरुग्राम ने विश्व पर्यावरण दिवस पर पुनः संकल्प व्यक्त किया है कि उपचारित अपशिष्ट जल के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देकर शहर को अधिक हरित, स्वच्छ और टिकाऊ बनाया जाएगा। निगम का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण करते हुए पर्यावरण-अनुकूल विकास को गति देना है।
इस अवसर पर हरियाणा सरकार के पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह, गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा, मेयर राजरानी मल्होत्रा, सीपी शिवास कविराज, गुरुग्राम निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स डॉ नवदीप सिंह, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड योगेश कुमार सदस्य सचिव, एडीसी सोनू भट्ट, डीसीपी वेस्ट करन गोयल, डीएफओ राजकुमार, पटौदी के पूर्व विधायक सत्यप्रकाश जरावता, अतिरिक्त निगम आयुक्त रविंद्र यादव, संयुक्त आयुक्त प्रीतपाल, एसडीएम गुरुग्राम हितेंद्र कुमार, गुरुग्राम मंडल के वन संरक्षक सुभाष यादव, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के रीजनल ऑफिसर सिद्धार्थ तथा आकांक्षा तंवर, भाजपा जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, नगारो के सीईओ मानस ह्यूमन, राहगीरी फाउंडेशन से सारिका पांडा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।






