गुरुग्राम, 3 जून 2026 । हरियाणा ने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर एक ओर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 4 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम “पीएम सूर्य घर के दो वर्ष: 1 करोड़ छतों तक सौर ऊर्जा का विस्तार” (Two Years of PM Surya Ghar: Scaling the Solar Home to 1 Crore Rooftops) के दौरान हरियाणा को तीन श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा।
हरियाणा सरकार के विशेष ऊर्जा सचिव तथा दक्षिण एवं उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की सचिव संतोष सारंगी, आईएएस द्वारा हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को भेजे गए आमंत्रण पत्र में यह जानकारी दी गई है। पत्र के अनुसार मई 2026 में आयोजित “मंथ ऑफ सोलर” अभियान के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हरियाणा का चयन “पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवॉर्ड” हेतु किया गया है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा को तीन श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त होंगे।
मंथ ऑफ सोलर – अधिकतम उपभोक्ता आवेदन: तृतीय स्थान (17,142 आवेदन)
मंथ ऑफ सोलर – अधिकतम सोलर इंस्टॉलेशन: द्वितीय स्थान (11,983 स्थापना)
मंथ ऑफ सोलर – अधिकतम डिस्कॉम निरीक्षण (यूएचबीवीएन एवं डीएचबीवीएन): तृतीय स्थान (12,514 निरीक्षण)
केंद्रीय मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है कि यह उपलब्धि राज्य सरकार के प्रभावी नेतृत्व, ऊर्जा विभाग, राज्य नोडल एजेंसी, उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों (यूएचबीवीएन एवं डीएचबीवीएन) तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं क्रियान्वयन साझेदारों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 में शुरू की गई थी। इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य मार्च 2027 तक देश के एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करना है। वर्तमान में देशभर में 40 लाख से अधिक परिवार इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं, जबकि 32 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
निगम प्रवक्ता संजय चुघ के अनुसार राष्ट्रीय कार्यक्रम में हरियाणा सरकार की ओर से प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से जुड़े अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल यह सम्मान ग्रहण करेगा। यह उपलब्धि राज्य में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा स्वच्छ और हरित ऊर्जा के प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मान्यता मानी जा रही है।









