मेयर राजरानी मल्होत्रा की अध्यक्षता में वित्त एवं संविदा समिति की बैठक, सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज व इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार पर फोकस
गुरुग्राम, 10 अप्रैल। नगर निगम गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा की अध्यक्षता में निगम कार्यालय में आयोजित वित्त एवं संविदा समिति (एफएंडसीसी) की बैठक में शहर के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से 282 करोड़ रुपये की 45 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया, एफएंडसीसी सदस्य अनूप सिंह, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, चीफ अकाउंट ऑफिसर विजय सिंगला सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्यकारी अभियंता उपस्थित रहे। एफएंडसीसी के अन्य सदस्यों व कुछ अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में शिरकत की।
बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं में सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत, जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, सीवरेज नेटवर्क विस्तार, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, बाजारों का विकास तथा पर्यावरण सुधार से जुड़े कार्य प्रमुख रूप से शामिल हैं।
शहर के हर क्षेत्र में होंगे विकास कार्य
स्वीकृत परियोजनाओं के अंतर्गत न्यू गुरुग्राम व ओल्ड गुरुग्राम में सड़कों की मरम्मत, सेक्टर-47, 46, 51 व अन्य क्षेत्रों में रोड इंप्रूवमेंट, गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार तथा नई कॉलोनियों में पानी, सीवर और सड़कों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सेक्टर-31, 45 सहित विभिन्न मार्केट क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण व पार्किंग सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन मशीनों की खरीद, सेकेंडरी कचरा संग्रहण केंद्रों का उन्नयन तथा जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने जैसे कार्य भी प्रस्तावित हैं।
ये परियोजनाएं गुरुग्राम को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में यातायात, जल निकासी, स्वच्छता और पेयजल आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।
मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम शहर के संतुलित और सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी और शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि स्वीकृत परियोजनाएं नागरिकों की आवश्यकताओं और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार की गई हैं। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि लोगों को शीघ्र लाभ मिल सके।







