प्रदूषण नियंत्रण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने हेतु शहर के 25 स्थानों पर स्थापित होंगे बैटरी स्वैपिंग स्टेशन
गुरुग्राम, 10 अप्रैल। शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और कंवर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीइएसएल) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत गुरुग्राम में बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों (बीएसएस) का संयुक्त रूप से विकास किया जाएगा। अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव की मौजूदगी में एमसीजी की ओर से कार्यकारी अभियंता संदीप धुंधवाल तथा सीइएसएल की ओर से ईवीसीआई हेड निशांत चौधरी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों के विकास पर जोर
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य शहर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना और प्रदूषण को कम करना है। इसके तहत दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया एवं भारी वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना की जाएगी। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि नागरिकों को सुविधाजनक और तेज चार्जिंग विकल्प भी उपलब्ध कराएगी।
दोनों संस्थाओं की जिम्मेदारियां तय
समझौते के अनुसार, सीइएसएल बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना, परीक्षण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। वहीं, नगर निगम गुरुग्राम इन स्टेशनों के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएगा तथा सभी आवश्यक अनुमतियां प्रदान करेगा। इसके साथ ही राजस्व साझेदारी का मॉडल भी केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू किया जाएगा।
25 प्रमुख स्थानों पर स्थापित होंगे स्टेशन
एमओयू के अनुसार, गुरुग्राम के विभिन्न सेक्टरों और प्रमुख स्थानों पर कुल 25 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इनमें सेक्टर-21, 22, 23, 31, 32, 39, 40, 45, 46 सहित कई मार्केट और सामुदायिक केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा सुभाष चंद्र बोस पार्क, नेहरू पार्क, वटिका चौक और अन्य महत्वपूर्ण स्थान भी इस परियोजना में शामिल किए गए हैं।
10 वर्षों तक प्रभावी रहेगा समझौता
यह समझौता 10 वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा, जिसमें भविष्य में आवश्यकतानुसार संशोधन या नए समझौते किए जा सकेंगे। हालांकि, यह एक गैर-बाध्यकारी समझौता है, जिसके आधार पर आगे विस्तृत अनुबंध तैयार किए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार इस पहल से गुरुग्राम में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही, शहर को हरित और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सीइएसएल के ईवीसीआई हेड निशांत चौधरी के अनुसार एमसीजी और सीईएसएल के बीच हुआ यह समझौता गुरुग्राम को स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में एक अहम पहल है, जिससे भविष्य में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।








