विश्व होम्योपैथी दिवस पर आयुष विभाग का भव्य स्वास्थ्य शिविर, 256 से अधिक लोगों ने लिया लाभ

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

होम्योपैथी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में आयुष विभाग की प्रभावी पहल

गुरुग्राम, 10 अप्रैल 2026। आयुष विभाग गुरुग्राम द्वारा आयुष विभाग के तत्वावधान में विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर पालम विहार स्थित आयुष विंग में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला आयुष अधिकारी डॉ. मंजू कुमारी के मार्गदर्शन में किया गया।

यह दिवस प्रतिवर्ष होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य होम्योपैथी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और इसे एक सुरक्षित, सरल एवं किफायती उपचार प्रणाली के रूप में बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कौंसिल सदस्य डॉ. सुरेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन एवं केक काटकर शिविर का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने होम्योपैथी की बढ़ती स्वीकार्यता और जनस्वास्थ्य में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे शिविर समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अत्यंत सहायक हैं।

शिविर में 256 से अधिक स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। अनुभवी चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच कर उन्हें उनकी समस्याओं के अनुरूप परामर्श दिया गया तथा निःशुल्क होम्योपैथिक औषधियों का वितरण भी किया गया।

इस अवसर पर हड्डियों की जांच (बोन स्क्रीनिंग) की विशेष सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिससे नागरिकों में अस्थि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी। इस पहल को लोगों ने विशेष सराहना दी।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. जयिता चौधरी ने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने होम्योपैथी के सिद्धांत, कार्यप्रणाली और विभिन्न रोगों में इसके उपयोग को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया, जिससे उपस्थित लोगों में इसके प्रति विश्वास और जागरूकता बढ़ी।

इस वर्ष की थीम “अनुसंधान को सशक्त बनाना एवं दक्षता को सुदृढ़ करना” के अनुरूप कार्यक्रम में होम्योपैथी में शोध को बढ़ावा देने और उपचार की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर दिया गया।

आयुष विभाग द्वारा आयोजित इस शिविर के माध्यम से नागरिकों को प्राकृतिक, समग्र और सुरक्षित चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तथा स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देना है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!