म्यूटेशन की पेंडेंसी समाप्त करने, स्टैंप ड्यूटी रिकवरी तेज करने व रिकॉर्ड वेरिफिकेशन में गति लाने के निर्देश
गुरुग्राम, 09 अप्रैल। लघु सचिवालय स्थित सभागार में डीसी अजय कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे विभिन्न राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
डीसी ने जमाबंदी, भूमि सीमांकन (डिमार्केशन), म्यूटेशन, राजस्व संग्रहण, लंबित मामलों तथा मॉडर्न रेवेन्यू रिकॉर्ड रूम की बिंदुवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध एवं प्रभावी निपटान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और राजस्व सेवाएं पारदर्शी रूप से संचालित होती रहें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि म्यूटेशन से संबंधित मामलों में किसी प्रकार की पेंडेंसी न रहे। साथ ही स्टैंप एक्ट के तहत चिन्हित डिफिशिएंसी के मामलों में वसूली प्रक्रिया को तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में स्टैंप शुल्क की कमी निर्धारित की गई है, उनमें प्राथमिकता के आधार पर रिकवरी की जाए तथा आवश्यकता अनुसार संबंधित देनदार की संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
डीसी ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का शीघ्र निपटान मेरिट के आधार पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को समय पर न्याय मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए अनावश्यक देरी से बचा जाए। मॉडर्न रेवेन्यू रिकॉर्ड रूम की समीक्षा के दौरान डीसी ने स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड किए गए रिकॉर्ड की वेरिफिकेशन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के साथ उसकी सटीकता बनाए रखना भी आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, निशानदेही (डिमार्केशन) से जुड़े कार्य ‘रोवर्स’ प्रणाली के माध्यम से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रक्रिया अधिक सटीक, पारदर्शी एवं समयबद्ध हो सके।
बैठक में बादशाहपुर के एसडीएम संजीव सिंगला, गुरुग्राम के एसडीएम हितेंद्र कुमार, पटौदी के एसडीएम दिनेश लुहाच, सोहना के एसडीएम अखिलेश यादव, जिला राजस्व अधिकारी विजय यादव सहित सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।







