निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में अभियंताओं को दिया गया प्रशिक्षण, एक सप्ताह में सड़कों की मैपिंग पूरी करने के निर्देश

गुरुग्राम, 7 अप्रैल। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर में विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एमआईएस) मैपिंग पोर्टल तैयार किया गया है। इस पोर्टल पर विभिन्न विकास कार्यों की मैपिंग का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में मंगलवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में सहायक अभियंताओं और कनिष्ठ अभियंताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका सहित कार्यकारी अभियंता व सहायक अभियंता उपस्थित थे।
प्रशिक्षण के दौरान अभियंताओं को पोर्टल पर कार्यों की मैपिंग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें निर्देश दिए गए कि प्रथम चरण में एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों की मैपिंग का कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। साथ ही, यदि किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता की आवश्यकता हो तो संबंधित तकनीकी टीम से तुरंत संपर्क करने को कहा गया।
निगम अधिकारियों ने बताया कि सड़कों के बाद आगामी चरणों में सीवरेज, ड्रेनेज, स्ट्रीट फर्नीचर सहित अन्य विकास कार्यों को भी पोर्टल पर मैप किया जाएगा। इससे न केवल कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी, सरल और पारदर्शी होगी, बल्कि फेक बुकिंग और अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।
मानसून को लेकर निगम की तैयारियां तेज
बैठक के दौरान निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने आगामी मानसून सीजन को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए पहले से ही पर्याप्त मशीनरी, पंप और अन्य संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि इस मानसून के दौरान शहर में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं होनी चाहिए और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
तकनीक के माध्यम से बेहतर प्रशासन का लक्ष्य
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि एमआईएस मैपिंग पोर्टल के माध्यम से नगर निगम गुरुग्राम तकनीक का उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इससे न केवल विकास कार्यों की वास्तविक समय में मॉनिटरिंग संभव होगी, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।








