सामाजिक आयोजन में हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण: ओमप्रकाश धनखड़

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कोई भी व्यक्ति समाज और कानून से बड़ा नहीं, आरोपियों पर हो सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़, 5 अप्रैल। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने झज्जर में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता संत सुरेहती के साथ हुई मारपीट की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सामाजिक आयोजनों में हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और यह सभ्य समाज के मूल्यों के खिलाफ है।

धनखड़ ने कहा कि पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कानून को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की असामाजिक हरकत करने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति समाज और कानून से बड़ा नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यक्रम सर्व समाज के होते हैं और इनकी सफलता-असफलता भी सामूहिक जिम्मेदारी होती है। ऐसे में समाज के प्रबुद्ध वर्ग की जिम्मेदारी है कि वे हिंसा करने वाले तत्वों को कड़ा संदेश दें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

धनखड़ ने यह भी कहा कि हिंसा करने वाले लोग अक्सर अहंकार में समाज से ऊपर खुद को समझने लगते हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस घटना की विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक वर्गों द्वारा भी निंदा की जा रही है। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वह अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए उनके साथ खड़ी है।

राजनीतिक टिप्पणी (एंगल):

झज्जर जैसे क्षेत्र, जहां से ओमप्रकाश धनखड़ खुद चुनाव लड़ चुके हैं, वहां इस प्रकार की घटना का होना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण संकेत देता है। लगातार दो बार चुनाव हारने के बाद क्षेत्र में संगठनात्मक पकड़ और स्थानीय समीकरणों पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में अपने ही प्रभाव क्षेत्र में हुई इस घटना पर उनका यह बयान कहीं न कहीं राजनीतिक दबाव और जिम्मेदारी की झलक भी दिखाता है।

यह घटना भाजपा के स्थानीय संगठन और नेतृत्व के सामने कानून-व्यवस्था व कार्यकर्ता सुरक्षा को लेकर चुनौती के रूप में भी देखी जा रही है, जिस पर आगे की कार्रवाई और प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।

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Author: Bharat Sarathi

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