हॉटस्पॉट की पहचान व सुरक्षा ऑडिट के लिए निगम के साथ एनजीओ भी जुटे, इंजीनियरिंग व सेनिटेशन टीमें मैदान में सक्रिय
गुरुग्राम, 3 अप्रैल। आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए शहर में जलभराव की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। निगमायुक्त प्रदीप दहिया के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार इंजीनियरिंग तथा सेनिटेशन टीमों ने जमीनी स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है।
बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को न्यूनतम करने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा संभावित जलभराव स्थलों (हॉटस्पॉट्स) की पहचान तथा सुरक्षा ऑडिट का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्य में निगम के एनजीओ पार्टनर भी सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहे हैं। हाल ही में निगमायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में सेफ्टीपिन एनजीओ तथा एयर पॉल्यूशन एक्शन ग्रुप के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में तय किया गया कि दोनों एनजीओ के प्रतिनिधि शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे और स्थानीय नागरिकों, निगम पार्षदों तथा आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर जलभराव संभावित स्थलों की पहचान करेंगे। इन स्थानों का विस्तृत डाटा तैयार किया जाएगा, ताकि मानसून शुरू होने से पहले ही वहां पुख्ता समाधान सुनिश्चित किए जा सकें।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य इस बार मानसून के दौरान नागरिकों को जलभराव की समस्या से अधिकतम राहत प्रदान करना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि चिन्हित स्थानों पर समय रहते ड्रेनेज सिस्टम की सफाई, मरम्मत एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से इस बार कार्य को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्रों में जलभराव से संबंधित जानकारी निगम के साथ साझा करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। नगर निगम गुरुग्राम की इस सक्रिय पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय परिणाम देखने को मिलेंगे।







