भीषण गर्मी से निपटने के लिए जारी किए सख्त निर्देश
गुरुग्राम, 02 अप्रैल 2026 । प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने गर्मी के मौसम और संभावित हीटवेव को देखते हुए बिजली आपूर्ति की निगरानी और नियंत्रण के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में निगम ने सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, डीएचबीवीएन मुख्यालय में एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम 24/7 आधार पर कार्य करेगा, जो पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। यह कंट्रोल रूम फीडर स्तर पर सप्लाई की स्थिति, ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन पर नजर रखेगा तथा आउटेज और बहाली का पूरा रिकॉर्ड बनाएगा। निगम प्रवक्ता संजय चुघ ने बताया कि सिस्टम ऑपरेशन, हिसार के अधीक्षण अभियंता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो एचपीपीसी और यूएचबीवीएन के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
फीडर प्रदर्शन पर विशेष फोकस
डीएचबीवीएन ने निर्देश दिए हैं कि हर माह खराब प्रदर्शन करने वाले फीडरों की पहचान की जाए। इसमें 11 केवी के ऐसे फीडर शामिल होंगे जिनमें महीने में 20 या उससे अधिक ब्रेकडाउन हों, जबकि 33 केवी के फीडरों में 5 या उससे अधिक ब्रेकडाउन होने पर विशेष समीक्षा की जाएगी।
महत्वपूर्ण सेवाओं को प्राथमिकता
बिजली आपूर्ति में अस्पतालों, जल आपूर्ति योजनाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही संवेदनशील फीडरों, ट्रांसफार्मरों और सबस्टेशनों का अग्रिम रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया है।
लोड मैनेजमेंट और आपात व्यवस्था
पीक डिमांड के दौरान डायनेमिक लोड मैनेजमेंट लागू किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार लोड शेडिंग की जाएगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त स्टॉक और त्वरित प्रतिक्रिया टीमें तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जनसंपर्क और शिकायत निवारण पर जोर
उपभोक्ताओं को बिजली कटौती की अग्रिम सूचना एसएमएस, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कंट्रोल रूम में अधिकारियों की तैनाती कर शिकायतों के त्वरित निवारण पर जोर दिया गया है।
निगम प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।









