‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पुनः पंजीकरण का मौका देने के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध, जल्द खुलेगा पोर्टल
किसान व आढ़ती वर्ग ने सरकार की फसल खरीद प्रक्रिया से संतुष्टि जताते हुए किया आभार
चंडीगढ़, 01 अप्रैल— हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अमित अग्रवाल ने जिला उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के साथ बुधवार को फरीदाबाद जिले की मोहना अनाज मंडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसान, आढ़ती व अन्य संबंधित हितधारकों से चर्चा कर फीडबैक लिया। निरीक्षण दौरे में किसानों की मांग पर प्रतिबद्धता जताते हुए मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और साथ ही गेहूं की खरीद के बाद भुगतान किसानों के खातों में सीधे स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने किसानों के आश्वस्त करते हुए कहा कि “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसान स्वयं अपनी फसल का पंजीकरण और ट्रैकिंग कर सकते हैं। पंजीकरण से किसी कारण वंचित किसानों को पुनः पंजीकरण की सुविधा जल्द उपलब्ध करवाई जाएगी।
बीते दस वर्षों से लगातार किसान हित में अग्रणी भूमिका निभा रही हरियाणा सरकार
श्री अमित अग्रवाल ने किसानों को पिछले 10 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में की गई उपलब्धियां की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियों ने ‘अन्नदाता’ को ‘उद्यमी’ बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ दिए जा रहे है। सरकार का एकमात्र उद्देश्य जनहित है। उन्होंने कहा कि किसान व कृषि कार्यों से जुड़े हितधारकों की समस्या व सुझाव पर सरकार का पूरा फोकस है। उन्होंने हितधारकों को आश्वस्त किया कि बीते वर्ष में आई किसी भी समस्या का इस बार दोहराव नहीं होगा। अधिकारी अपने स्तर पर फसल खरीद, उठान व भंडारण के अलावा मंडी में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि मंडी में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटे, किसान सुविधा केंद्र तथा अटल किसान कैंटीन जैसी व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं। अटल किसान कैंटीन में मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों और मजदूरों के लिए राहत कार्य किए जा रहे हैं। किसान व आढ़ती वर्ग ने सरकार की फसल खरीद प्रक्रिया से संतुष्टि जताई








