अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, सिम बॉक्स तकनीक और क्रिप्टो लेन-देन के जरिए संचालित हो रहा था संगठित साइबर अपराध गिरोह
गुरुग्राम, 01 अप्रैल 2026। गुरुग्राम पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फिलीपींस और कंबोडिया से संचालित हो रहा था तथा भारत में अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क के जरिए साइबर अपराधों को अंजाम दिया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, थाना साइबर अपराध पश्चिम और साइबर दक्षिण गुरुग्राम में प्राप्त 5 अलग-अलग शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए 5 अभियोग दर्ज किए गए। शिकायतों में मकान मालिकों ने आरोप लगाया था कि उनके किरायेदार अवैध रूप से सिम बॉक्स (GSM गेटवे) संचालित कर रहे हैं।
SIT गठित कर की गई छापेमारी
सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। टीम ने यू-ब्लॉक, डीएलएफ फेज-3 और चकरपुर क्षेत्र में छापेमारी कर बड़े पैमाने पर अवैध उपकरण बरामद किए।
भारी मात्रा में उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने

- 13 सिम बॉक्स
- 504 सिम कार्ड
- 7 वाई-फाई राउटर
- 7 TAPO कैमरे (ह्यूमन डिटेक्शन सहित)
- 29 वाई-फाई स्विच
- 30 बैटरी व 7 इनवर्टर
- 28 इथरनेट वायर
- अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
बरामद किए हैं।
ऐसे होता था साइबर फ्रॉड
जांच में सामने आया कि सिम बॉक्स के जरिए कॉल रूटिंग और कॉल डायवर्जन किया जाता था, जिससे अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को लोकल कॉल में बदला जाता था। इसी तकनीक का उपयोग “डिजिटल अरेस्टिंग” जैसे साइबर अपराधों में किया जा रहा था।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क फिलीपींस और कंबोडिया से संचालित हो रहा था। अवैध उपकरणों की सप्लाई चीन से नेपाल और फिर बिहार के रास्ते भारत में की जाती थी।
गिरोह का एक सदस्य फिलीपींस से वीडियो कॉल के माध्यम से सिम बॉक्स सेटअप करवाता था, जबकि अन्य सदस्य भारत में उपकरणों की डिलीवरी, इंस्टॉलेशन और संचालन करते थे।
क्रिप्टो के जरिए लेन-देन
आरोपियों द्वारा USDT (क्रिप्टोकरेंसी) के माध्यम से पैसे का लेन-देन किया जाता था, जिसे भारत में नकदी में बदला जाता था।
साइबर स्लेवरी से भी जुड़ाव
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह लोगों को कंबोडिया भेजकर उनसे जबरन साइबर अपराध करवाता था, जिसे “साइबर स्लेवरी” कहा जाता है।
5 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और गुरुग्राम से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान राहुल कुमार, यश अमृत सिंह डुगर, भाविका भगचंदानी, लितेश और सागर के रूप में हुई है।
जांच जारी
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि यह संगठित गिरोह दूरसंचार प्रणाली का दुरुपयोग कर साइबर अपराधियों को तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा था, जिससे बड़े पैमाने पर लोगों को ठगा जा रहा था।








