सरकार 10.28 प्रतिशत बजट वृद्धि का दावा कर रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है
चंडीगढ़, 2 मार्च। सिरसा की सांसद, कांग्रेस की महासचिव एवं पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट दिशाहीन, आंकड़ों का खेल और बढ़ते कर्ज पर पर्दा डालने वाला दस्तावेज है।
मीडिया को जारी एक बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि उन्होंने कहा कि सरकार 10.28 प्रतिशत बजट वृद्धि का दावा कर रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। केवल बजट का आकार बढ़ाना उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह देखना आवश्यक है कि उस धन का वास्तविक लाभ आम जनता तक कितना पहुंचेगा। कुमारी सैलजा ने कहा कि यह बजट हरियाणा की मूल समस्याओं से ध्यान हटाकर प्रस्तुत किया गया है। प्रदेश आज जल संकट और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। घग्गर और यमुना नदियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने और उन्हें साफ करने के लिए कोई ठोस, समयबद्ध और प्रभावी योजना सामने नहीं रखी गई। सरकार को न केवल नदियों की सफाई के लिए व्यापक कार्ययोजना बनानी चाहिए थी, बल्कि आम जनता तक साफ और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए भी ठोस व कारगर नीति प्रस्तुत करनी चाहिए थी, जिसका इस बजट में अभाव है। उन्होंने कहा कि प्रदूषित पानी के कारण सिरसा सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए किसी विशेष मिशन, अलग कोष या उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की स्पष्ट योजना बजट में दिखाई नहीं देती। यह अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आंकड़ों के सहारे एक आकर्षक प्रस्तुति देने की कोशिश की है, परंतु जमीनी स्तर पर बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की बढ़ती लागत, युवाओं का पलायन और छोटे व्यापारियों की समस्याएं जस की तस हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार को चाहिए था कि वह पर्यावरण, स्वास्थ्य और पेयजल जैसे जीवन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देती और प्रदेश की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप ठोस व जवाबदेह नीति प्रस्तुत करती। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस बजट का तथ्यात्मक और रचनात्मक विरोध करेगी तथा जनता से जुड़े मूल मुद्दों को विधानसभा से लेकर सडक़ों तक मजबूती से उठाएगी।
बजट हरियाणा की मूल समस्याओं से ध्यान हटाकर प्रस्तुत किया
कुमारी सैलजा ने कहा कि यह बजट हरियाणा की मूल समस्याओं से ध्यान हटाकर प्रस्तुत किया गया है। प्रदेश आज जल संकट और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। घग्गर और यमुना नदियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने और उन्हें साफ करने के लिए कोई ठोस, समयबद्ध और प्रभावी योजना सामने नहीं रखी गई। सरकार को न केवल नदियों की सफाई के लिए व्यापक कार्ययोजना बनानी चाहिए थी, बल्कि आम जनता तक साफ और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए भी ठोस व कारगर नीति प्रस्तुत करनी चाहिए थी, जिसका इस बजट में अभाव है। उन्होंने कहा कि प्रदूषित पानी के कारण सिरसा सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए किसी विशेष मिशन, अलग कोष या उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की स्पष्ट योजना बजट में दिखाई नहीं देती। यह अत्यंत चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आंकड़ों के सहारे एक आकर्षक प्रस्तुति देने की कोशिश की है, परंतु जमीनी स्तर पर बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की बढ़ती लागत, युवाओं का पलायन और छोटे व्यापारियों की समस्याएं जस की तस हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार को चाहिए था कि वह पर्यावरण, स्वास्थ्य और पेयजल जैसे जीवन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देती और प्रदेश की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप ठोस व जवाबदेह नीति प्रस्तुत करती। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस बजट का तथ्यात्मक और रचनात्मक विरोध करेगी तथा जनता से जुड़े मूल मुद्दों को विधानसभा से लेकर सड़को तक मजबूती से उठाएगी।









